एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार की गरीबों के लिए महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास में भी भ्रष्टाचार होने लगी है। ताजा मामला झारखंड के हजारीबाग का है। यहां पर हुवाग पंचायत के सचिव प्रभु नारायण सिंह को पीएम आवास योजना में रिश्वतखोरी के आरोप में एसीबी की तीन में गिरफ्तार किया है।
पंचायत सचिव की गिरफ्तारी उस व्यक्त हुई, जब इस योजना में लाभुक से पहली किश्त जारी करने के बदले रिश्वत की रकम ले रहा था। लाभुक की शिकायत के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और पंचायत सचिव को दबोचने में कामयाब हुए। इस कार्रवाई के बाद सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गये हैं।
जानकारी के मुताबिक हुवाग गांव निवासी मो. अलीजान अंसारी को पीएम आवास स्वीकृत हुआ था। इस योजना में कई लभुकों को पहली किश्त मिल चुकी थी। लेकिन मो. अलीजान अंसारी को पहली किश्त देने में टालमटोल किया जा रहा था। पंचायत सचिव ने कहा कि बगैर सेटिंग के कैसे भुगतान होगा। तय योजना के अनुसार जैसे ही पंचायत सचिव ने 2500 रुपये की रकम ली, एसीबी की टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। वहीं एसीबी अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर लगाम लगायी जा सके। एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं में लभुकों को हो रही शिकायत पर हमलोग जांच करते हैं और योजना बना के संबंधित घुसखोर पर कार्रवाई करते हैं।
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