भक्ति से तन, मन, वचन, वतन, धन और जीवन सफल हो जाता है : मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज

 

एबीएन सोशल डेस्क। महासमाधि धारक परम पूज्य  आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में अहिंसा रक्षा पद यात्रा चल रही है। इसके अंतर्गत 22 दिसम्बर 2025 को श्री दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ जगह-जगह, पाद प्रक्षालन किया गया। 

ज्ञात हो कि मुनि संघ का पद बिहार श्री सम्मेद शिखर जी के लिए चल रहा है। मुनि संघ के पद बिहार में सिवनी, कटंगी, गुना, रांची, ललितपुर, खिमलासा, जैन समाज के महानुभाव शामिल हुए। मुनि श्री का लगभग 900 किलोमीटर का पद विहार हो चुका है। श्री सम्मेद शिखरजी तक 160 किलोमीटर और पद बिहार होगा।

इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि भक्ति से तन, मन, वचन, वतन, धन, जीवन सफल हो जाता है। पूजा भक्ति एक अमृत रस है। भक्ति से शरीर मन, आत्मा, हृदय शुद्ध होते हैं एवं समाज, देश, परिवार शुद्ध होता है। मोक्ष के द्वार का ताला भक्ति रूपी चाबी से खोला जाता है। भक्ति पापी मन को पवित्र करती है। तल्लीनता से भक्ति करने से अतिशय चमत्कार होते हैं। 

भक्ति से आनंद, उत्साह, सफलता की प्राप्ति होती है। भक्ति से ऊर्जा मिलती है। आप ऐसी भावना करें- हे प्रभु मेरे पैरों में इतनी शक्ति देना की दौड़-दौड़ कर आपके दरवाजे आ सकूं। तीर्थ क्षेत्र की वंदना कर सकूं। मुझे ऐसी सद्बुद्धि देना कि सुबह शाम घुटने के बल बैठकर आपको नमस्कार सकूं। जब तक प्राण रहे जीभ पर आपका नाम रहे। 

प्रेम से भरी हुई आंखें देना, श्रद्धा से झुका हुआ सिर देना, सहयोग करते हुए हाथ देना, सत्पथ पर चलते हुए पांव देना और स्मरण करता हुआ मन देना अपनी कृपा दृष्टि और सद्बुद्धि देना भक्ति मुक्ति महल की चाबी है। गुणीजनों में दान, पूजा, विनय का भाव होना भक्ति है। भक्ति सर्वश्रेष्ठ रस है, भक्ति जीने की कला सिखाती है, भक्ति श्रद्धा की कसौटी है, पूजा भक्ति एक सरिता है, विनय भक्ति का श्रेष्ठ तरीका है।

प्रभु के गुण अनुराग को भक्ति पूजा, अर्चना, वंदना या प्रार्थना कहते हैं, जिससे विशेष शक्तियों की प्राप्ति होती है, और आध्यात्मिक सिद्धियां प्रकट होती है, मन का विकार धुल जाता है, इससे शरीर समाज, देश, परिवार विश्व शुद्ध होता है। 

धर्म सभा में मंत्री जीतेन्द्र छाबड़ा उपाध्यक्ष संजय छाबड़ा कोषाध्यक्ष प्रमोद झाँझरी पदम गोधा अशोक सोगानी हेमन्त सेठी धर्मेन्द्र छाबड़ा के अलावा पूरा जैन समाज उपस्थित था। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने दी।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse