टीम एबीएन, रांची। कांके विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा ने झारखंड में अनुसूचित जाति आयोग के गठन और उससे जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में वे 21 सितंबर (रविवार) को पुराने विधानसभा सभागार में अनुसूचित जाति की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित करेंगे। इस बैठक में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
शनिवार को आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए विधायक बैठा ने कहा कि झारखंड में अनुसूचित जाति आयोग का गठन तो हो गया है, लेकिन अब तक सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई है। इसी तरह परामर्शदात्री काउंसिल और वित्त निगम का भी गठन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि झारखंड की लगभग 17 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति वर्ग से है, जबकि उन्हें केवल 10 प्रतिशत आरक्षण ही मिल रहा है। प्रदेश में फिलहाल केवल 23 छात्रावास हैं, जबकि हर जिले में छात्रावास खोले जाने की जरूरत है।
विधायक बैठा ने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग, परामर्शदात्री काउंसिल और वित्त निगम का गठन शीघ्र किया जाये। आरक्षण अनुपात को आबादी के हिसाब से बढ़ाया जाये। सभी जिलों में अनुसूचित जाति छात्रावासों की संख्या बढ़ायी जाये। अनुसूचित जाति समाज की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित की जाये। विगत 5-10 वर्षों के बजट आवंटन और खर्च का आडिट सामाजिक/महालेखाकार से कराया जाये। जिन लोगों के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है, उनका डेटा सामान्य वर्ग में दर्ज हो रहा है, जिसे तत्काल सुधारा जाये।
सुरेश बैठा ने कहा कि 2024 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित दो सीटों पर चुनाव लड़ा और दोनों जीते। जबकि कुल आरक्षित सीटें 9 प्रतिशत हैं, ऐसे में इनकी संख्या बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही, कांग्रेस को पिछले 35 वर्षों से उपेक्षित पलामू संसदीय क्षेत्र में भी चुनावी तैयारी करनी चाहिए।
विधायक ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संगठन ने इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, तो अनुसूचित जाति वर्ग की एक पूरी पीढ़ी सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक अवसरों से वंचित रह जायेगी।
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