लोकतंत्र संसदीय परंपरा की उपेक्षा : सुखदेव भगत

 

त्रिवेणी दास

टीम एबीएन, रांची। मोदीजी की सरकार ने सदन में 130वें संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया है और उसे विचार करने के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास अग्रसारित किया गया है।

विधेयक में प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री किसी भी मंत्री के 30 दिन तक 5 साल के सजा वाले अपराध वाले आरोप में जेल में रहने से उनकी पद की समाप्ति का प्रावधान रखा गया है। स्पष्ट है कि भ्रष्ट नेताओं के भ्रष्टाचार को नियंत्रित के लिए विधेयक लाया गया है। संयुक्त संसदीय समिति में शामिल विपक्षी दल समिति के बैठक में भाग लेने से इनकार कर रहे हैं जो एक संसदीय परंपरा है। 

समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, उद्धव ठाकरे शिवसेना और आम आदमी पार्टी संसदीय संयुक्त समिति की बैठकों में भाग लेने को तैयार नहीं हैं जबकि प्रस्तावित कानून पूर्ण दर्जा प्राप्त राज्यों के लिए नहीं है। यह सभी वैसे दल हैं जो या तो किसी व्यक्ति विशेष अथवा पारिवारिक पृष्ठभूमि वालों के द्वारा संचालित हैं। व्यक्ति विशेष के लिए विशेष कानून को बनाए रखना कितना उचित है? जनता जनार्दन के सामने एक बड़ा सवाल है।

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