जानें भारत-पाकिस्तान संघर्ष का शब्दकोष

 

रोज सामने आ रहे इन नये-नये शब्दों का मतलब जान लीजिये 

  • भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर लगातार नये अपडेट सामने आ रहे हैं। सेना और विदेश मंत्रालय की ओर से समय-समय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ताजा हालात की सूचना दी जा रही है। इस बीच प्रेस ब्रीफिंग हो या खबर, अपने ऐसे कई शब्द सुने या पढ़े होंगे जिनका मतलब बहुत कम लोग जानते होंगे। आइए ऐसे शब्द और उनका अर्थ समझते हैं

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति लगातार बढ़ रही है। आॅपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान भारत की सीमा से सटे इलाकों में भारी गोलाबारी कर रहा है। भारत भी पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। भारतीय सैन्य और विदेश मंत्रालय द्वारा प्रेस ब्रीफिंग के जरिए ताजा हालात की जानकारी दी जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस और जंग से जुड़ी खबरों में अपने कई शब्द शायद पहली बार सुने होंगे। आइए ऐसे शब्द और उनका मतलब जानते हैं।  

  1. एलएसी क्या है : एलएसी (लाइन आॅफ एक्चुअल कंट्रोल),  भारत और चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर से अधिक लंबी अनौपचारिक सीमा है, जिसे वास्तविक नियंत्रण रेखा कहा जाता है। यह पश्चिम में लद्दाख से पूर्व अरुणाचल प्रदेश तक फैली हुई है। हालांकि चीन इसे करीब 2000 किलोमीटर लंबा ही मानता है। 2020 में गलवान घाटी में एलएसी पर भारत-चीन सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। 
  2. एलओसी क्या है : एलओसी (लाइन आॅफ कंट्रोल), यह भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा है, जो 1971 के युद्ध के बाद सिमला समझौते के तहत स्थापित हुई। एलओसी एक अस्थायी सैन्य सीमा है, जो दोनों देशों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को अलग करती है। यह सियाचिन ग्लेशियर से लेकर जम्मू तक फैली है। 
  3. अंतरराष्ट्रीय सीमा क्या है : अंतरराष्ट्रीय सीमा यह भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त सीमा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत दोनों देशों द्वारा स्वीकार की गयी है। यह पंजाब, राजस्थान और गुजरात में फैली है और रेडक्लिफ रेखा पर आधारित है। इसे स्थायी और स्पष्ट सीमा माना जाता है। वाघा-अटारी सीमा अंतरराष्ट्रीय सीमा का हिस्सा है, जहां परेड होती है। 
  4. एलएसी, एलओसी, अंतरराष्ट्रीय सीमा में क्या अंतर है : एलएसी भारत-चीन के बीच, एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा भारत-पाकिस्तान के बीच है। एलएसी अनौपचारिक और अस्पष्ट है, जबकि एलओसी अस्थायी लेकिन परिभाषित है, और अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थायी और कानूनी रूप से मान्य है। 
  5. भारतीय इंटीग्रेटेड अनआर्म्ड एरियल सिस्टम : भारतीय इंटीग्रेटेड अनआर्म्ड एरियल सिस्टम (सी-यूएएस) एक उन्नत रक्षा प्रणाली है, जो अनधिकृत ड्रोन्स का पता लगाने, ट्रैक करने और निष्क्रिय करने के लिए डिजाइन की गयी है। यह रडार, रेडियो फ्रीक्वेंसी सेंसर, आॅप्टिकल कैमरे और ध्वनिक डिटेक्टरों का उपयोग करता है। आॅपरेशन सिंदूर में इसने पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलों को निष्प्रभावी किया है। यह प्रणाली भारत की हवाई सुरक्षा को मजबूत करती है और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में महत्वपूर्ण है। 
  6. वायु रक्षा रडार : वायु रक्षा रडार भारत की हवाई सुरक्षा का आधार हैं, जो विमानों, मिसाइलों और ड्रोन्स जैसे हवाई खतरों का पता लगाते हैं। स्वदेशी रडार जैसे राजेंद्र, स्वॉर्डफिश और रोहिणी सटीक ट्रैकिंग और लक्ष्य पहचान में सक्षम हैं। ये रडार एस-400, आकाश और बराक-8 जैसे वायु रक्षा सिस्टम के साथ मिलकर कई स्तर पर सुरक्षा करते हैं। ऊफऊड द्वारा विकसित ये सिस्टम आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा देते हैं। 
  7. टेक्निकल इंस्टॉलेशन : यह सैन्य उपकरणों, जैसे रडार, संचार प्रणाली, या ड्रोन लॉन्च सिस्टम को स्थापित करने और संचालित करने की सुविधाएं हैं। जैसे आपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस रडार साइट्स को नष्ट किया, जो टेक्निकल इंस्टॉलेशन का हिस्सा हैं। 
  8. कमांड एंड कंट्रोल सेंटर : सैन्य मुख्यालय को कमांड एंड कंट्रोल सेंटर कहा जाता है, जहां से युद्ध की रणनीति बनाई जाती है, आदेश दिये जाते हैं और मिलिट्री एक्टिविटीज को कंट्रोल किया जाता है। भारत ने स्पष्ट किया कि उसने आॅपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के किसी कमांड सेंटर को निशाना नहीं बनाया। 
  9. रडार साइट : यह ऐसी जगह है जहां रडार सिस्टम स्थापित किये जाते हैं, जो दुश्मन के विमानों, मिसाइलों या ड्रोन्स का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 
  10. ट्यूब ड्रोन सिस्टम : यह एक ऐसा सिस्टम है, जिसमें ड्रोन को ट्यूब या कैनिस्टर से लॉन्च किया जाता है। ये ड्रोन निगरानी, हमले, या इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए उपयोगी हैं। भारत ने आॅपरेशन सिंदूर में हारोप ड्रोन का उपयोग किया, जो ट्यूब-लॉन्च सिस्टम से संचालित होता है। 
  11. आर्टिलरी गन सिस्टम : एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम एक स्वदेशी तोप है, जो लंबी दूरी तक सटीक हमले करने में सक्षम है। यह इलेक्ट्रिक ड्राइव से संचालित होती है और भविष्य में लंबी दूरी की गाइडेड म्यूनिशन्स को फायर कर सकती है। अन सब का विकास किया जा रहा है और यह युद्ध में गेमचेंजर साबित हो सकता है। 
  12. आर्टिलरी रेजिमेंट : युद्ध में तोपों, रॉकेट्स, और मिसाइलों का उपयोग करने वाली सेना की शाखा। यह दुश्मन की रक्षा को तोड़ने में मदद करती है। 
  13. इन्फेंट्री : सेना का वह हिस्सा जो पैदल युद्ध लड़ता है और सीधे दुश्मन से मुकाबला करता है। 
  14. एयर डिफेंस सिस्टम : दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को रोकने के लिए रडार और मिसाइलों का सिस्टम, जैसे एस-400। 
  15. स्वार्म ड्रोन : कई ड्रोन जो एक साथ समन्वित रूप से हमला करते हैं, जैसे भारत का न्यूस्पेस स्वार्म यूएवी। 
  16. लॉइटरिंग म्यूनिशन : ऐसे ड्रोन जो टारगेट के ऊपर मंडराते हैं और सही समय पर हमला करते हैं, जैसे हारोप। 
  17. पिनाका रॉकेट सिस्टम : स्वदेशी रॉकेट सिस्टम, जो 90 किमी तक हमला कर सकता है। 
  18. प्रलय मिसाइल : जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल, जो 10 मीटर की सटीकता के साथ टारगेट को नष्ट करती है। 
  19. बराक-8 मिसाइल : लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, जो नौसेना और सेना में उपयोगी है। 
  20. एएसएटी मिसाइल  : एंटी-सैटेलाइट मिसाइल, जो दुश्मन के सैटेलाइट्स को नष्ट कर सकती है। 
  21. के9 वज्र : स्वदेशी सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी गन, जो 36 किमी तक हमला कर सकती है। 
  22. धनुष तोप : बोफोर्स तोप के डिजाइन पर स्वदेशी संस्करण, जिसकी रेंज 27-36 किमी है। धनुष तोप भारत द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित 155 मिमी, 45 कैलिबर की आधुनिक तोप है। धनुष तोप भारतीय सेना की आर्टिलरी मोडराइजेशन प्रोग्राम का हिस्सा है और इसे 2019 में सेवा में शामिल किया गया। 
  23. बोफोर्स गन : बोफोर्स गन एक 155 मिमी, 39 कैलिबर की स्वीडिश निर्मित तोप है, जिसे 1980 के दशक में भारतीय सेना ने खरीदा था। यह अपनी सटीकता, विश्वसनीयता और 30 किलोमीटर तक की मारक क्षमता के लिए जानी जाती है। कारगिल युद्ध में इसकी प्रभावशीलता ने इसे भारतीय सेना का महत्वपूर्ण हथियार बनाया। 
  24. रेजिमेंट : सेना की एक इकाई, जिसमें विशिष्ट क्षेत्र या समुदाय के सैनिक शामिल होते हैं, जैसे राजपुताना राइफल्स। 
  25. युद्ध घोष : रेजिमेंट का नारा, जो सैनिकों का उत्साह बढ़ाता है, जैसे मराठा लाइट इन्फैंट्री - बोला श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की जय!, राजपूत 
  26. रेजिमेंट: राजा रामचंद्र की जय!, सिख रेजिमेंट: जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल! और गोरखा रेजिमेंट: जय महाकाली, आयो गोरखाली! 
  27. गनर : आर्टिलरी रेजिमेंट का सैनिक, जो तोप या मिसाइल संचालित करता है। 
  28. सर्विलांस : दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने की प्रक्रिया, जैसे ड्रोन या रडार से। 
  29. डिसइंगेजमेंट : सैनिकों को सीमा से पीछे हटाने की प्रक्रिया, जैसे एलएसी पर भारत-चीन समझौता। 
  30. पैट्रोलिंग : सीमा पर गश्त करना, ताकि घुसपैठ या हमले का पता लगाया जा सके।

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