राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को लेकर हेल्थ प्रोफेशनल प्रशिक्षण आयोजित

 

जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से समय-समय पर पोस्टर,बैनर अखबार,पत्रिका आदि के माध्यम से तंबाकू के दुष्प्रभाव संबंधित प्रचार प्रसार किया जाता है 

सदर अस्पताल रांची एवं रिम्स डेंटल कॉलेज में तंबाकू सीजन सेंटर स्थापित की गई है जहां पर तंबाकू एवं तंबाकू संबंध पदार्थ के लत से निजात दिलाया जाता है 

मुफ्त में गम एवं पैचेस डॉक्टर की सलाह पर मरीज को दी जाती है। जिसका प्रभाव यह देखा गया है कि लोग तंबाकू का सेवन करना धीरे -धीरे छोड़ रहे हैं 

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 13 जनवरी 2025 को  सिविल सर्जन कार्यालय रांची के सभागार में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हेल्थ प्रोफेशनल प्रशिक्षण का आयोजन डॉ प्रभात कुमार सिविल सर्जन रांची की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।  इस प्रशिक्षण में रांची जिला अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर  में पदस्थापित कम्युनिटी हेल्थ आफीसर को प्रशिक्षित किया गया। जिसमें डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि भारत तंबाकू आधारित उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता और उत्पादक है। तंबाकू का सेवन, बहुत सारे रोगों जैसे- कैंसर, फेफड़ों की बीमारियों और हृदय रोगों सहित स्वास्थ्यगत बीमारियों के मुख्य कारकों में से एक है।भारत में तंबाकू का उपयोग विभिन्न रूपों में होता है।  

इसके अलावा, देश में तंबाकू का सेवन सिगरेट, बीड़ी और सिगार तथा अधिकत्तर धूम्रमुक्त रूप में किया जाता है। भारत न केवल सबसे बड़े तंबाकू उत्पादक देशों में से एक है बल्कि विश्व में तंबाकू के सेवन से होने वाली मौतों के 1/6वें हिस्से का जिम्मेदार भी है। ॠअर के सर्वे के मुताबिक किशोरों में तंबाकू के सेवन का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है हमें इसे रोकने की आवश्यकता है। हेल्थ प्रोफेशनल होने के नाते हम सभी का यह दायित्व है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को  जागरुक कर सके और आम जनों को नशे की लत से निजात दिलाने में सहायक सिद्ध हो। 

तभी हम एक स्वस्थ समाज की कल्पना कर सकते हैं। जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, रांची डॉक्टर सीमा गुप्ता ने कार्यक्रम को आगे बढ़ते हुए कोटपा एक्ट अधिनियम 2003 के बारे में विस्तृत जानकारी दी उन्होंने बताया कि यह अधिनियम 2002 में बनाया गया था संसद द्वारा 2003 में पारित कर अधिनियम बना। भारत सरकार ने तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2007 में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) का शुभारंभ किया।इसका उद्देश्य तंबाकू नियंत्रण कानून और तंबाकू के उपयोग द्वारा होने वाले हानिकारक प्रभावों के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता प्रसारित करना भी है। 

जिला कार्यक्रम प्रबंधक, रांची प्रवीण कुमार सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से समय-समय पर पोस्टर, बैनर अखबार, पत्रिका आदि के माध्यम से तंबाकू के दुष्प्रभाव संबंधित प्रचार प्रसार किया जाता है जिससे कि जनमानस  को इसका लाभ मिल सके ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा सके। सदर अस्पताल रांची एवं रिम्स डेंटल कॉलेज में तंबाकू सीजन सेंटर स्थापित की गयी है जहां पर तंबाकू एवं तंबाकू संबंध पदार्थ के लत से निजात दिलाया जाता है, साथ ही इस लत को छुड़ाने के लिए मुफ्त में गम एवं पैचेस डॉक्टर की सलाह पर मरीज को दी जाती है। जिसका प्रभाव यह देखा गया है कि लोग तंबाकू का सेवन करना धीरे -धीरे छोड़ रहे है। यह इस कार्यक्रम की सफलता मानी जा सकती है। 

कार्यक्रम के दौरान जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ आसिफ कुमार मांझी, मेडिकल आफिसर डॉ ए आर मुस्ताफी, जिला परामर्शीय सुशांत कुमार ,जिला लेखा प्रबंधक तारा पद कोयरी, जिला डाटा प्रबंधक संजय तिवारी, फाइनेंशियल एंड लॉजिस्टिक कंसलटेंट एनसीडी श्री सरोज कुमार चौधरी, सोशल वर्कर सतीश कुमार एवं रांची कैंसर केयर हॉस्पिटल टाटा ट्रस्ट की ओर से कोआर्डिनेटर नीरज कौशिक मौजूद रहे।

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