टीम एबीएन, रांची। खेल और खिलाड़ियों के प्रति संजीदा मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की परिकल्पना अब मूर्तरूप लेने लगी है। खेल की नर्सरी बनने की दिशा में झारखंड ने कदम बढ़ा दिया है। इस कड़ी में राज्य के पांच आकांक्षी जिला पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, सिमडेगा और गुमला के खिलाड़ी पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं और उस प्रतियोगिता में चयनित 520 खिलाड़ी सहाय राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में अपनी प्रतिभा दिखा रहें हैं। राजधानी के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 16 से 18 फरवरी तक आयोजित राज्य स्तरीय सहाय स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल में खिलाड़ी अपने हुनर का प्रदर्शन करे रहे हैं।
अच्छे खिलाड़ियों को मिलेगी प्राथमिकता
सहाय योजना का उद्देश्य प्रथम चरण में राज्य के नक्सल प्रभावित पांच जिलों के युवाओं को खेल के माध्यम से सामान्य जीवन शैली को अपनाने, उनके विकास और युवाओं के अंदर छुपी हुई खेल प्रतिभा को बाहर लाने का है। योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने चाईबासा से वर्ष 2021 में किया था। ताकि राज्य की छुपी हुई प्रतिभा को मंच दिया जा सके और इन खेल प्रतिभाओं के हुनर को प्रशिक्षण प्रदान कर और बेहतर बनाया जा सके। राज्य स्तरीय सहाय स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को खेल ट्रेनिंग सेंटर में प्राथमिकता देकर उन्हें तराशा जायेगा।
खिलाड़ियों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
इस प्रतियोगिता में विजेता रहने वाले खिलाड़ियों और टीम को राज्य सरकार प्रोत्साहन राशि से सम्मानित करेगी। इसके तहत फुटबॉल, हॉकी और वॉलीबॉल के विजेता टीम के प्रत्येक सदस्य को दस हजार रुपए एवं रनरअप टीम के प्रत्येक सदस्य को पांच हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान की जायेगी। वहीं एथलेटिक्स में प्रथम स्थान आने वाले को दस, द्वितीय स्थान आने वाले को सात हजार एवं तृतीय स्थान आने वाले को पांच हजार रुपये की सम्मानित राशि प्रदान की जायेगी।
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