टीम एबीएन, लोहरदगा। चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने गुरुवार शाम कृषि मंत्री बादल पत्रलेख से मुलाकात करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि
झारखण्ड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2022 अविलम्ब वापस लिया जाये।
चैम्बर के सदस्यों का कहना है कि झारखण्ड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2022 को झारखण्ड में लागू होने से पूरा खद्यान व्यापारियों में अतिरिक्त कर का बोझ बढ़ जायेगा तथा विभिन्न तरह के प्रपत्रों का रख रखाव का बोझ भी पड़ेगा। जिससे इंस्पेक्टर राज्य, अफ़शरशाही एवं भ्र्ष्टाचार भी बढ़ जाएगी। इससे झारखण्ड का सम्पूर्ण खाद्यान व्यापार बहुत ही ज्यादा प्रभावित होगा।
अतः हम व्यापारी इसे न्यायसंगत न मानकर ठगा हुआ भी महसूस कर रहे हैं। हम सभी व्यापारी बढ़ती परेशानियों की आशंका को समझते हुए विधयेक का विरोध स्वरूप विगत 15 फरवरी से खद्यान प्रतिष्ठान को अनिश्चिकालीन बंद किये हुए हैं, जो हमारी मजबूरी है।
इस विधेयक के प्रभावी होने से राज्य में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में मूल्यवृद्धि के साथ ही इंस्पेक्टर राज को प्रोत्साहन मिलने की प्रबल आशंका को देखते हुए तथा उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने के लिए उक्त निर्णय लेना हमारी विवशता है। ज्ञापन सौंपने वालों में चैम्बर के जिलाध्यक्ष रितेश कुमार समेत कई पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।
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