टीम एबीएन, बोकारो/रांची। विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत के तीन दिवसीय कार्यसमिति बैठक आज दिनांक 22 जनवरी 2023 को बोकारो सेक्टर 3 स्थित सरस्वती विद्या मंदिर मैं संपन्न हुई।
समापन सत्र के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सहमंत्री व विशेष संपर्क के केंद्रीय प्रमुख अंबरीश सिंह जी ने कहा विश्व हिंदू परिषद की 60 वर्षों की ध्येय यात्रा गौरवशाली रही है। भगवान श्री कृष्ण के प्राकट्य के काल की स्थिति के समान ही विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की काल में भी समाज की कड़ी कमजोर थी। उन्होंने कहा कि हम अपने पूर्वजों के अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक आस्था के प्रति अटूट श्रद्धा के कारण ही कालखंड में अनेक मत, पंथ एवं धाराएं चलने के बावजूद सनातन संस्कृति विद्यमान है।
उन्होंने कहा दुनिया में एकल मानसिकता वाले पंथ सदैव विध्वंसक रहा है, वही हमारी सनातनी संस्कृति सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया... को आत्मसात करते दुनिया को शांति का संदेश दिया है। उन्होंने कहा इस देश में हे राम कहकर देश त्यागने की आकांक्षा रखने वाले श्रीराम तत्व रूपी विराट आदर्श का भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। जिन 350 लाख गांव तक की गयी शीला पूजन के ईट, जो देश के समस्त समाज एवं क्षेत्र का प्रतिनिधि के रूप में श्री राम जन्मभूमि के न्यू में लग रहा है, हम वर्तमान हिंदू समाज को यह सौभाग्य रहेगा।
उन्होंने कहा कि जिस दिन 464 वर्षों से चली आ रही कलंक रुपी ढांचा को हिंदू जनमानस ने 1992 में मिटा दिया, उस दिन से हिंदू समाज के पौरुष का पुनः प्रकटीकरण हुआ। उन्होंने कहा कि पराधीनता के बाद भी हिंदू समाज अपने तीर्थ, तीर्थयात्रा, पर्व त्यौहार, अर्चक पुरोहित, संत महात्मा, गंगा, गीता, गाय, संस्कृत इत्यादि पर आस्था के कारण आज भी अडिग खड़ा है।
उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता केंद्रीय प्रन्यासी मंडल के माननीय सदस्य जगन्नाथ शाही ने कहा हिंदुस्तान में सैकड़ों वर्ष से अपने भारतीय संस्कृति एवं मान बिंदुओं के रक्षार्थ निरंतर संघर्ष चल रहा है इस संघर्ष में करोड़ों हिंदू जनमानस ने अपने को बलिदान किया। माता बहनों ने जौहर करके अपने स्वाभिमान को बचाया उन्होंने कहा देश के बच्चों को दासता जीवन जीने के लिए विवश होना पड़ा।
बड़े संघर्ष में अपने संस्कृति के रक्षार्थ ही गुरु गोविंद सिंह के चारों बच्चों ने स्वयं को दीवारों पर चुनवा लिये। ऐसे वीर बलिदानी बच्चों का यह देश मैं आज भी बगुला के समान सामने से सन्यासी दिखाई देने वाले बहु रूपों के द्वारा हिंदू समाज के संस्कृति एवं परंपरा को नष्ट करने के लिए बैठा हुआ है। उन्होंने कहा ईसाई कभी जनजाति अथवा आदिवासी नहीं हो सकता जो प्रकृति पूजक है वही आदिवासी अथवा जनजाति है।
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने बताया तीन दिवसीय प्रांत कार्यसमिति बैठक में आगामी 6 महीना के कार्यक्रमों का योजना बनायी गयी। इसके अंतर्गत 5 फरवरी को गुरु रविदास जयंती, 12 फरवरी से 26 फरवरी के बीच धर्मरक्षा निधि समर्पण कार्यक्रम, 19 मार्च से 2 अप्रैल तक श्री रामोत्सव, 5 अप्रैल को श्री हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर महाआरती, 14 अप्रैल भीमराव अंबेडकर जयंती 21 मई से 31 मई तक परिषद शिक्षा वर्ग 4 जून से 11 जून तक दुर्गा वाहिनी मातृशक्ति प्रशिक्षण वर्ग करने की योजना बनायी गयी। बैठक में सभी जिलों से 147 कार्यकर्ताओं को नवीन दायित्व का घोषणा की गयी।
बैठक में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय प्रन्यासी मंडल सदस्य जगन्नाथ शाही, क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद कुमार, प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, प्रांत उपाध्यक्ष सुभाष नेत्रगांवकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह संजय कुमार, बोकारो महानगर संघचालक एस बरनवाल, पूज्य स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, क्षेत्र गोरक्षा प्रमुख त्रिलोकीनाथ बागी, बजरंग दल क्षेत्र संयोजक जन्मेजय कुमार, धर्म प्रसार क्षेत्र प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, सहमंत्री रंगनाथ महतो, सहमंत्री रामनरेश सिंह, सहमंत्री वीरेंद्र यादव, जिला अध्यक्ष संतोष कुमार, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत संयोजक दीपक ठाकुर, विभाग मंत्री विनय कुमार, विभाग सहमंत्री राजेश दुबे, अजीत पांडे, मनोज चंद्रवंशी, संजय चौरसिया, संजय वर्मा, किशुन झा, कालीचरण मंडल, अरविंद सिंह, गणेश शंकर विद्यार्थी, जगदीश मंडल, विजय यादव, कुलेश्वर टूडू, मिथिलेश महतो विकास कुमार, प्रभावती नेत्रगांवकर, अरुणा सारंगी, शशि शर्मा, काजल सोनी सहित 229 कार्यकर्ता एवं दर्जनों स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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