जानें राहुल गांधी कब करेंगे शादी, पहली नौकरी में कितनी मिली सैलरी...

 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो यात्रा के तहत जम्मू-कश्मीर में हैं। इस दौरान उन्होंने एक खास इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू को कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसमें राहुल गांधी ने हर छोटे-बड़े पहलुओं पर बात की और अपने निजी जीवन के अनुभव और आदतों को भी साझा किया। आइए पढ़तें हैं राहुल गांधी से किए गए हर सवाल और उनके जवाब...

सवाल : आपको खाने में क्या पसंद है?
- राहुल गांधी ने कहा कि मैं हर चीज खाता हूं। मुझे जो भी मिल जाता है, मैं खा लेता हूं। हालांकि, मुझे कटहल और मटर नहीं पसंद है। जब मैं घर पर होता हूं तो खाने पीने को लेकर काफी सख्त रहता हूं। यहां यात्रा के दौरान ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं कश्मीरी पंडित के घर में  पैदा हुआ, जो उत्तर प्रदेश आ गए थे। पापा के पिताजी पारसी थे। तो घर का खाना भी सामान्य ही रहता है।

सवाल : शादी कब करेंगे?
- राहुल गांधी ने कहा कि जब कोई सही लड़की मिलेगी, तो शादी कर लूंगा। एक ही शर्त है कि लड़की इंटेलिजेंट होनी चाहिए। उनके माता-पिता की शादी बहुत ही शानदार रही थी। इसलिए विवाह के बारे में उनके ख्याल बहुत ऊंचे हैं। वे भी ऐसा ही किसी जीवनसाथी चाहते हैं।

सवाल : खाने-पीने को लेकर दिल्ली में आपको कौन-कौन सी जगह पसंद है?
- राहुल गांधी ने कहा कि पहले पुरानी दिल्ली जाता था। अब मोती महल जाता हूं। सागर, स्वागत और कभी कभी सरवाना भवन भी जाता हूं। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मैंने संस्कृति को करीब देखा है। तेलंगाना जैसे कुछ राज्यों में मसालेदार खाने का उपयोग बहुत ज्यादा होता है। संस्कृति केवल राज्यों में राज्यों की सीमा पर ही नहीं, बल्कि राज्यों के भीतर भी बदलता है। राहुल गांधी ने कहा कि उनको खाने में तंदूरी खाना पंसद है। इसलिए चिकन टिक्का, सीख कबाब और अच्छे आमलेट पंसद है।

सवाल : गुस्सा आने पर क्या करते हैं?
- राहुल गांधी ने कहा कि ज्यादा गुस्सा आने पर वे एकदम चुप हो जाते हैं या फिर कहते हैं कि डोंट डू डैट यानी ऐसा मत करो। भारत जोड़ो यात्रा एक तपस्या है। भारत की संस्कृति में तपस्या का बड़ा महत्व है। इसलिए किसी भी काम को करने में आनेवाली कठिनाइयां एक तरह की तपस्या है।

सवाल : अपनी पहली नौकरी और सैलरी के बारे में बताइये।
- राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने अपनी पहली नौकरी लंदन में की थी। उस वक्त उन्हें जो सैलेरी मिलती थी, वह तब के हिसाब से काफी थी। कंपनी का नाम मॉनिटर था, जो एक स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग कंपनी थी। पहली बार मुझे चेक से तनख्वाह मिली थी। उन्होंने बताया कि तब वे किराए के घर में रहते थे, तो उसी में सब खर्च हो गया था। राहुल ने बताया कि उन्हें वेतन के तौर पर करीब ढाई हजार पाउंड मिले थे, जो उस वक्त के हिसाब से काफी थे।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse