एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को नेहरु मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (एनएमएमएल) सोसायटी की वार्षिक आम बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मोदी ने देश के इतिहास के बारे में लोगों के बीच बेहतर जागरूकता पैदा करने के लिए आधुनिक भारतीय इतिहास पर शोध के दायरे को व्यापक बनाने की जरुरत पर बल दिया। उन्होंने संस्थानों से आह्वान किया कि अच्छी तरह से समीक्षा की गई है और शोध परक स्मृतियां तैयार करें जिससे वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को लाभ हो सके।
प्रधानमंत्री संग्रहालय के डिजाइन और सामग्री पर संतोष व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि यह संग्रहालय वस्तुनिष्ठ और राष्ट्र-केंद्रित है, व्यक्ति-केंद्रित नहीं है। यह न तो अनुचित प्रभाव से और न ही किसी आवश्यक तथ्यों के अनुचित अभाव से ग्रस्त है। भारत के सभी प्रधानमंत्रियों की उपलब्धियों और योगदान को उजागर करने वाले संग्रहालय के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इस संबंध में प्रतियोगिताओं का आयोजन करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि निकट भविष्य में संग्रहालय देश और दुनिया से दिल्ली आने वाले पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र बनकर उभरेगा। सन 1875 में आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती की साल 2024 में मनाई जाने वाली 200वीं जयंती का उल्लेख करते हुए नरेंद्र मोदी ने देश भर के शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्थानों इनके जीवन के बारे में शोध पत्र तैयार करने का आह्वान किया।
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