टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज यानी 21 दिसंबर को तीसरा दिन है। आज सदन पटल पर द्वितीय अनुपूरक बजट को पास कराया जायेगा। इससे पहले 8533.89 करोड़ रुपए के द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा की जायेगी।
दूसरे दिन हुआ था सदन में हंगामा : बता दें कि बीते मंगलवार को शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन पूरे दिन का सत्र केवल 20 मिनट ही चल सका। सुबह 11:05 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई और 11:15 बजे इसे 12:45 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद 12:55 बजे कार्यवाही शुरू हुई जो 10 मिनट बाद ही इसे आज तक के लिए स्थगित कर दिया गया। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी सांसद निशिकांत दुबे की लोकसभा में कथित टिप्पणी को लेकर राज्य विधानसभा में हंगामा हुआ था। कांग्रेस विधायक प्रदीप कुमार यादव ने गोड्डा के भाजपा सांसद की सोरेन के संबंध की गई कथित टिप्पणी पर गंभीर आपत्ति जताई। इस टिप्पणी को बाद में संसद की कार्यवाही से हटा दिया गया था। उन्होंने मांग की कि इस मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव विधानसभा से पारित किया जाना चाहिए और उसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजा जाना चाहिए। उनके साथ सत्ताधारी गठबंधन के कांग्रेस एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के तमाम विधायक भी अध्यक्ष के आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई थी।
सांसद द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर राज्य सरकार ने की कड़ी निंदा : मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री सोरेन के संदर्भ में लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान झारखंड के एक सांसद द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर राज्य सरकार ने कड़ी निंदा और नाराजगी व्यक्त की है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन टिप्पणियों को संसदीय रिकॉर्ड से हटा दिया गया है, लेकिन भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में निर्वाचित जन प्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे राजनीतिक मतभेदों के बावजूद विचार-विमर्श और संवाद में शब्दों की गरिमा को बनाये रखें। उक्त सांसद द्वारा उपयोग किये गये आपत्तिजनक शब्द एक सांसद से अपेक्षित नहीं है।
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भाजपा विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने आकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने राज्य सरकार पर स्थानीयता की नीति और नियोजन नीति के नाम पर राज्य के युवाओं को ठगने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा के विरोध के बावजूद राज्य सरकार जानबूझकर ऐसी स्थानीयता की नीति लेकर आई, जिसका कानूनी तौर पर टिकना असंभव था।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse