टीम एबीएन, रांची। उषा-मार्टिन फाउंडेशन अपने राज्य के प्रतिष्ठित संस्थान सत्यानन्द योग मिशन के सौजन्य से सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य को संवारने में जुटे हुए हैं। न केवल स्वाथ्य बल्कि ग्रामीण स्तर को ऊंचा उठाने में उनके मन:स्थिति को मजबूत करने, उनमें नैतिक गुणों को विकसित करने हेतू जगह-जगह शिविर का आयोजन कर रहे हैं।
आज टाटीसिलवे मध्य विद्यालय प्रांंगण में योग शिविर में शिक्षकों और सैकड़ों बच्चों को संबोधित करते हुए स्वामी मुक्तरथ ने कहा कि बचपन में मिले संस्कार जीवन भर मनुष्य के काम आता है। योग से शरीर,मन और हृदय तीनों स्वस्थ होते हैं। वर्तमान में बढ़ते मनोरोग, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मधुमेह, थायराइड, बच्चों में बढ़ता डिप्रेशन, हेडेक, माइग्रेन, अनिद्रा को प्राणयाम और ध्यान के जरिये पूर्णत: रोका जा सकता है और ऐसे गंभीर रोगों को ठीक भी किया जा सकता है। व्यक्ति को सबसे पहले वैचारिक और व्यावहारिक रूप से स्वस्थ होने की जरूरत है।
आज टाटीसिलवे मध्य विद्यालय और अनगड़ा प्रखंड के अंतर्गत सानू मध्य विद्यालय में सैकड़ों बच्चों ने सूर्यनमस्कार, ताड़ासन, शशांकासन, उष्ट्रासन, योगमुद्रा आसन, नाड़ीशोधन, भ्रामरी और कपालभाति के अभ्यासों को कराया गया। स्वामी मुक्तरथ के टीम में पियुष कुमार, सुमित कुमार, अवनीश कुमार, और माधव योग सिखाने का कार्य कर रहे हैं।उषा मार्टिन फाउंडेशन के सचिव डॉ मयंक मुरारी और शालिनी हॉस्पिटल के राणा बिकाश इस कार्यक्रम को कराने में पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं।
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