एबीएन एडिटोरियल डेस्क (नंद किशोर)। पंचकुला जिला परिषद चुनाव के नतीजों में राज्य में सत्तासीन भाजपा को झटका लगा है। पंचकुला जिले की सभी 10 सीटों पर भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है। चुनाव में सभी निर्दलीय प्रत्याशी जीत गये हैं। निश्चित तौर पर यह एक जिला परिषद का चुनाव है लेकिन जिस प्रकार लोगों का भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और वादाओं को लेकर मोहभंग हो रहा है उसका एक उदाहरण है।
यह सच है कि भारतीय जनता पार्टी से पूरे देश को बड़ी उम्मीद थी लेकिन कोरोना काल की त्रासदी और महंगाई का जो असर हुआ है उससे आम लोगों के जीवन पर नकरात्मक असर हुआ है। यह असर विभिन्न चुनावों के परिणामों में दिखेगा। आखिर भारतीय जनता पार्टी को आम लोगों ने जिस कांग्रेस के विकल्प के तौर पर भेजा था उन आमलोगों की परेशानियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र में सरकार ने गंभीर कदम नहीं उठाये हैं। क्रिकेट में हॉफ कोक शार्ट एक विख्यात शॉट है जिसमें बल्लेबाज अनमने ढंग से शॉट खेलता हुआ आउट हो जाता है। आज देश की गंभीर समस्या बेरोजगारी और महंगाई है। लेकिन इसको लेकर कोई ठोस नीति केन्द्र सरकार के पास नहीं दिखती है।
भारतीय जनता पार्टी के सभी चुनाव में उसके कार्यकता अतंरराष्ट्रीय उपलब्यिों को बताकर लोगों की परेशानियों को नजर अंदाज कर रहें हैं। हिमाचल और गुजरात के परिणाम भले ही भाजपा के पक्ष में आये लेकिन उसके विरोध में पड़ने वाले वोट को नजरअंदाज करना ठीक उसी तरह होगा जैसा झारखंड में क्षेत्रिय पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा से हारकर भाजपा ने कहा था कि हमारा वोट बढ़ गया है। हिंदूत्व और मोदी के एजेंडा की एक सीमा है और लगता है इस सीमा पर भाजपा पहुंच चुकी है।
कांग्रेस और आप की कमजोरियों से सत्ता में आना अगर भाजपा की मजबूरी है तो निश्चित ऐसा संकेत भाजपा के लिये अच्छा नहीं है। पार्टी विथ डिफरेंस ने जिस प्रकार गुजरात में कांग्रेसियों को शामिल किया है वह एक नकरात्मक पहल है। आखिर भाजपा का कैडर और चुनाव जिताउ उम्मीदवार कम कैसे होत जा रहें हैं। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ और उसकी सभी सहयोगी संगठन के लोग भी अब निराश हो रहें हैं।
झारखंड की राजधानी रांची के हिंदू जागरण मंच के अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह कहते हैं कि पांच साल रघुवर सरकार में हम आम लोगों की समस्या को कम नहीं कर सके। शहर जाम से त्रस्त रहा। एक भी फ्लाई ओवर नहीं बना।विगत 30 साल से रातू रोड का पूरा ईलाका भाजपा को वोट देता रहा है और विधानसभा लोक सभा में जीत का कारण बनता है वहां के लोगों के लिये कुछ नहीं हुआ। हां अब फ्लाई ओवर बन रहा है जब चुनाव हार गये। आखिर भाजपा की सरकार से उसकी नीतियों से उसके संगठन के लोग ही नाराज है और अब सिर्फ मोदी के भरोसे केन्द्र जीत सकते हैं लेकिन हार की आशंका से नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है।
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