एबीएन सोशल डेस्क। महंगाई से परेशान जनता को हेमंत सरकार एक और झटका देने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में झारखंड में बिजली महंगी होगी। बिजली वितरण निगम ने बिजली की दर बढ़ाने को लेकर राज्य विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजा है। आयोग को सौंपी रिपोर्ट में 6500 करोड़ का नुकसान बताया गया है। इसकी वजह पिछले दो वित्तीय वर्ष में दर में बढ़ोतरी नहीं होने को बताया गया है। हालांकि, राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दर में बढ़ोतरी संबंधी बिजली वितरण निगम के प्रस्ताव पर स्पष्टीकरण मांगा है। 1 सप्ताह में निगम इस पर अद्यतन रिपोर्ट आयोग को भेजेगा। देखना यह है कि निगम स्पष्टीकरण से आयोग संतुष्ट होता है या नहीं। अगर आयोग संतुष्ट हो गया तो फिर जनसुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। शायद जनसुनवाई इसी महीने से शुरू हो। यह सभी प्रमंडलों में होगा। इतना ही नहीं चालू वित्तीय वर्ष में विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली टैरिफ पर निर्णय नहीं लेने के कारण कुल 1800 करोड़ रुपये का नुकसान दिखाया गया है। कुल मिलाकर बिजली वितरण निगम ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 9000 करोड़ का खर्च दिखाया गया है। बिजली वितरण निगम के ताजा प्रस्ताव के मुताबिक बिजली की वर्तमान दर में 16-17 प्रतिशत बढ़ाने की मांग की गई है। अभी प्रस्ताव की जांच चल रही है। आयोग पूरी तरह संतुष्ट होने वाले जनसुनवाई की प्रक्रिया आरंभ करेगा। जनसुनवाई इसी माह से आरंभ किए जाने की संभावना है। यह सभी प्रमंडलों में होगा। इसके बाद टैरिफ का निर्धारण किया जायेगा।
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