झारखंड : विद्यार्थी अब 24 से शुरू करेंगे भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा

 

जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान को लेकर छात्र नेताओं की सामूहिक प्रेस वार्ता 

टीम एबीएन, रांची। आज रांची प्रेस क्लब में जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान चला रहे छात्रों की सामूहिक प्रेस वार्ता आयोजित की गयी। प्रेस वार्ता में आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के साथ राजेश सर, चंदन रजक, रवि, अयूब अली, विमल महतो, राजेश्वर, विमल कुमार, कमलेश, अंकित एवं प्रेम कुमार सहित अन्य छात्र प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि 26 वर्षों से झारखंड की भर्ती व्यवस्था में अनियमितता, अपारदर्शिता, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, धांधली एवं पैरवी से नौकरी पाने जैसी समस्याओं से यहां के पढ़ने-लिखने वाले युवा त्रस्त हैं। 

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जेपीएससी एवं जेएसएससी में हो रही भ्रष्टाचार, पेपर लीक एवं धांधली के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब एक व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है। इस संघर्ष की शुरूआत 2 जुलाई से, आंदोलन की शुरुआत 5 जुलाई से, सत्याग्रह की शुरूआत 25 जुलाई से तथा भूख हड़ताल आंदोलन की शुरूआत 2 अगस्त 2026 से की गयी। 

इस दौरान पूरे राज्य के छात्रों का व्यापक जनसमर्थन मिला और आंदोलन के दबाव में झारखंड सरकार द्वारा विवादित 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई की गयी, जिसमें 22 परीक्षाएं रद्द, 17 परीक्षाओं पर जांच तथा 6 परीक्षाएं स्थगित की गयीं। इसके बाद छात्र आंदोलन को स्थगित किया गया। लेकिन मामला न्यायालय में पहुंचने के बाद सरकार द्वारा न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखे जाने को लेकर देवेंद्रनाथ महतो ने चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सीआईडी जांच की रिपोर्ट तथा परीक्षाओं को रद्द करने के पीछे की गड़बड़ियों और कारणों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से नहीं रखने के कारण 11वीं से 13वीं जेपीएससी, फूड सेफ्टी आॅफिसर, सीडीपीओ एवं जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के रद्दीकरण पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इससे झारखंड के छात्रों में भविष्य को लेकर एक बार फिर चिंता उत्पन्न हुई है। 

अन्य छात्र प्रतिनिधियों ने भी रखी अपनी बात 

सामूहिक प्रेस वार्ता में राजेश सर, चंदन रजक, रवि, अयूब अली, विमल महतो, राजेश्वर, विमल कुमार, कमलेश, अंकित एवं प्रेम कुमार सहित अन्य छात्र प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने विचार रखे। सभी ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने, लंबित जांच को स्पष्ट रूप से सामने लाने तथा छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार से गंभीरता के साथ कार्रवाई करने की मांग रखी। 

सभी छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी योग्य एवं निर्दोष अभ्यर्थी के खिलाफ नहीं है। आंदोलन का उद्देश्य केवल भ्रष्ट, अपारदर्शी एवं अनियमित भर्ती व्यवस्था में सुधार कराना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष तरीके से उनका अधिकार मिल सके। 

24 से शुरू होगी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा 

देवेंद्रनाथ महतो ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते हुए कहा कि 24 अगस्त 2026, सोमवार से दिसुम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ से भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का शुभारंभ किया जायेगा। 

यह यात्रा झारखंड के 24 जिलों के प्रमुख स्थानों पर जायेगी। इस दौरान शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों, विश्वविद्यालयों एवं छात्र समुदाय के बीच जनजागरण अभियान चलाया जायेगा और भर्ती व्यवस्था में सुधार एवं पारदर्शिता को लेकर छात्रों को जागरूक किया जायेगा। 

यात्रा को सफल बनाने के लिए मार्गदर्शक टीम, मैनेजमेंट टीम, प्लानिंग टीम एवं सोशल मीडिया हैंडलिंग टीम का गठन किया गया है। देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि यह लड़ाई झारखंडी छात्रों की आर-पार की लड़ाई है और इसे आगे भी शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अंजाम तक पहुंचाया जायेगा। 

15 सितंबर की सुनवाई को लेकर सरकार से उम्मीद 

देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि आगामी 15 सितंबर 2026 को होने वाली न्यायालय की सुनवाई में सरकार से उम्मीद है कि वह सीआईडी जांच की रिपोर्ट एवं संबंधित परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के तथ्यों को मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखेगी और अपने फैसले के पक्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का छलावा या धोखाधड़ी स्वीकार नहीं की जायेगी। यदि छात्रों के साथ अन्याय होता है, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जायेगा। 

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जेपी आंदोलन की तर्ज पर इस संघर्ष को जनआंदोलन से जोड़ा जायेगा तथा सभी 24 जिलों के प्रखंड एवं गांव स्तर तक आम लोगों को इस आंदोलन से जोड़ा जायेगा। आगे मुख्यमंत्री आवास घेराव, अनिश्चितकालीन झारखंड बंद एवं आर्थिक नाकेबंदी जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की भी घोषणा की जायेगी। 

देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि अपने हक और अधिकार से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जायेगा। यदि झारखंड के छात्रों के साथ अन्याय जारी रहता है, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जायेगा तथा झारखंड की खनिज संपदा को झारखंड से बाहर ले जाने के मुद्दे को भी आंदोलन से जोड़ा जायेगा। 

अंत में सभी छात्र नेताओं ने झारखंड के छात्रों, युवाओं एवं आम नागरिकों से अपील की कि भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित कराने के इस शांतिपूर्ण संघर्ष में एकजुट होकर सहयोग करें। 

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