कोविड वैक्सीन पर अमेरिका के नये ऐलान से बवाल

 

वैज्ञानिक बोले- एफडीए का फैसला खतरनाक 

एबीएन हेल्थ डेस्क। अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा (एचएचएस) मंत्री  रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर  ने 27 मई को घोषणा की कि अब स्वस्थ बच्चों और गर्भवती महिलाओं  के लिए  कोविड-19 टीकाकरण अनिवार्य नहीं  रहेगा। यह निर्णय रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) द्वारा अनुशंसित टीकाकरण सूची में से कोविड-19 वैक्सीन को हटाने के रूप में लागू होगा। 

यह घोषणा एक वीडियो संदेश के माध्यम से सोशल मीडिया मंच एक्स पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गयी, जिसमें कैनेडी के साथ  नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ के निदेशक जे. भट्टाचार्य  और एफडीए आयुक्त मार्टी मकेरी भी शामिल थे। वीडियो में उन्होंने कहा कि स्वस्थ बच्चों में वैक्सीन की आवश्यकता को साबित करने के पर्याप्त वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं हैं।  

टीकाकरण बंद करने का कारण स्पष्ट नहीं  

हालांकि, इस फैसले में गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को बंद करने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया, जबकि उन्हें पहले उच्च जोखिम वाली श्रेणी  में शामिल किया गया था। इस घोषणा से ठीक एक सप्ताह पहले 20 मई 2025 को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए)  ने भी स्पष्ट किया था कि अब टीकों के नए संस्करण  केवल  65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के और  गंभीर संक्रमण के उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए ही स्वीकृत किए जायेंगे। एफडीए ने टीका निर्माताओं से मांग की है कि वे अब ऐसे अध्ययन प्रस्तुत करें जो कम जोखिम वाले वर्गों में भी वैक्सीन की प्रभावशीलता को साबित कर सकें।

विशेषज्ञों की तीखी प्रतिक्रिया

अमेरिकन कॉलेज आफ आब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी (एसीओजी) और अमेरिकन एकेडमी आॅफ पीडियाट्रिक्स (एएपी) सहित कई स्वास्थ्य संगठनों ने इस निर्णय पर चिंता व्यक्त की है। एसीओजी ने कहा है कि गर्भवती महिलाओं को कोविड वैक्सीन देना मां और शिशु दोनों के लिए सुरक्षा कवच है। वहीं एएपी ने 2024-25 में बच्चों की कोविड-19 से अस्पताल में भर्ती होने के आंकड़ों को टीकाकरण की आवश्यकता के पक्ष में रखा। यह निर्णय ऐसे समय पर लिया गया है जब  सीडीसी की वैक्सीनेशन सलाहकार समिति की अगली बैठक मात्र एक महीने दूर है, जिसमें 2025-26 के कोविड वैक्सीन दिशा-निर्देशों की समीक्षा की जानी है।

किसे मिलेगा अब कोविड-19 का टीका

सीडीसी और एफडीए की नयी नीति के तहत अब केवल गंभीर जोखिम वाले लोग, जैसे कि  कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, मोटापा, दमा और गर्भावस्था जैसी स्थितियों से पीड़ित लोगों को ही टीका दिया जायेगा। एफडीए द्वारा प्रकाशित सूची के अनुसार अमेरिका में 10-20 करोड़ लोग  इस श्रेणी में आते हैं। हालांकि, कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि इस नीति में उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों के घरवालों या देखभाल करने वालों को शामिल न करना, संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ा सकता है।

बच्चों के टीकाकरण पर स्थिति अस्पष्ट

अब भी छह महीने या उससे अधिक आयु के उच्च जोखिम वाले बच्चे टीके के पात्र हैं। बाजार में पहले से उपलब्ध टीके अब भी मिलेंगे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कब तक। टीकाकरण से बच्चों को लाभ होता है या नहीं, इस पर आंकड़े सीमित हैं। ऐसे में टीका लेने का निर्णय अब माता-पिता और डॉक्टरों के विवेक पर निर्भर होगा।

आम लोगों के लिए टीका अब कैसे मिलेगा

नयी नीति के तहत स्वस्थ वयस्कों के लिए कोविड-19 टीका पाना अब मुश्किल हो सकता है। उन्हें न तो बीमा में वैक्सीन का कवर मिलेगा और न ही व्यापक तौर पर इसकी सिफारिश की जायेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जोखिम-आधारित नीति  से व्यापक जन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि टीकाकरण की उच्च दर वाले समुदायों में वायरस के फैलाव की संभावना कम  होती है।

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