बिना गारंटी के आपको भी मिल सकता है 20 लाख तक का लोन

 

  • आप भी शुरू कर सकते हैं अपना बिजनेस, जानें क्या है पूरा प्रोसेस 
  • इस योजना ने लाखों लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका दिया है। आप अगर अपना खुद का बिजनेस करना चाहते हैं तो यह योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है। 

ऋषभ राज 

एबीएन बिजनेस डेस्क। अगर आप छोटा-मोटा ही सही लेकिन अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपके पास शानदार मौका है। मान लीजिए कि आपके पास कोई तगड़ा बिजनेस आइडिया है, लेकिन पैसे की कमी आड़े आ रही है, तो इसके सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आपके लिए वरदान साबित हो सकती है। 

इस योजना के तहत सरकार 10 लाख रुपये तक का लोन दे रही है, वो भी बिना किसी गारंटी के। हाल ही में इसकी लिमिट को बढ़ाकर 20 लाख रुपये तक कर दिया गया है, जिससे और ज्यादा लोग अपने सपनों को हकीकत में बदल सकते हैं। आइये, इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं कि ये क्या है, कैसे काम करती है, और आप इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं। 

क्या है मुद्रा योजना 

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना को 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था। इसका मकसद उन छोटे कारोबारियों को आर्थिक मदद देना है, जो नॉन-कॉरपोरेट और नॉन-फार्म सेक्टर में काम करते हैं। आसान शब्दों में कहें तो अगर आप कोई छोटा-मोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, जैसे कि किराने की दुकान, सिलाई का काम, या कोई छोटा स्टार्टअप, तो ये योजना आपके लिए है। इस योजना के तहत आपको बिना किसी सिक्योरिटी या गारंटी के लोन मिल सकता है। 

इस योजना को माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी चलाती है। मुद्रा का मतलब है छोटे कारोबारों को बढ़ावा देना और उनकी जरूरतों को पूरा करना। ये लोन बैंकों, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के जरिए दिये जाते हैं। 

मुद्रा योजना के तहत लोन को चार कैटेगरी में बांटा गया है, ताकि हर तरह के कारोबारी को उसकी जरूरत के हिसाब से मदद मिल सके। ये कैटेगरी हैं: 

  1. शिशु: इसमें 50,000 रुपये तक का लोन मिलता है। ये उन लोगों के लिए है जो बिल्कुल शुरूआती स्तर पर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। 
  2. किशोर: अगर आपको 50,000 से ज्यादा लेकिन 5 लाख रुपये तक की जरूरत है, तो ये कैटेगरी आपके लिए है। 
  3. तरुण: इसमें 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता है। ये उन कारोबारियों के लिए है जिनका बिजनेस थोड़ा बड़ा है। 
  4. तरुण प्लस: हाल ही में सरकार ने इस नई कैटेगरी को जोड़ा है, जिसमें 10 लाख से 20 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। लेकिन ये लोन सिर्फ उन लोगों को मिलेगा, जिन्होंने पहले तरुण कैटेगरी में लोन लिया और उसे समय पर चुका दिया है। 
  5. नई तरुण प्लस कैटेगरी को जुलाई 2024 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषित किया था। इसका मकसद उन उद्यमियों को और सपोर्ट करना है जो अपने बिजनेस को अगले स्तर पर ले जाना चाहते हैं। 

कौन ले सकता है लोन? 

मुद्रा योजना का फायदा कोई भी भारतीय नागरिक उठा सकता है, जो छोटा-मोटा बिजनेस शुरू करना चाहता है या अपने मौजूदा कारोबार को बढ़ाना चाहता है। इसके लिए आपको बस ये साबित करना होगा कि आपका बिजनेस गैर-कृषि क्षेत्र से जुड़ा है। जैसे कि अगर आप टेलरिंग, ब्यूटी पार्लर, छोटी दुकान, या कोई सर्विस-बेस्ड बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो आप इस योजना के लिए योग्य हैं। 

इस योजना ने खासकर महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों को बहुत फायदा पहुंचाया है। 70% से ज्यादा लोन लेने वाली महिलाएं हैं, और 50% से ज्यादा लोन एसटी, एससी, और ओबीसी समुदाय के लोगों को मिले हैं। इससे साफ है कि ये योजना न सिर्फ बिजनेस को बढ़ावा दे रही है, बल्कि सामाजिक समावेश को भी मजबूत कर रही है। 

कैसे मिलता है लोन 

इसके तहत लोन पाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। सबसे पहले आपको अपने नजदीकी बैंक या माइक्रोफाइनेंस संस्थान में जाना होगा। आप चाहें तो मुद्रा की आफिशियल वेबसाइट  www.mudra.org.in पर भी जाकर पूरी जानकारी ले सकते हैं। वहां आपको हर कैटेगरी के लिए अलग-अलग आप्शन मिलेंगे। 

सबसे पहले आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें आप अपने बिजनेस का आइडिया और उसकी जरूरतें बताएंगे। इसके साथ कुछ बेसिक डॉक्यूमेंट्स चाहिए होंगे, जैसे: 

  • आधार कार्ड, पैन कार्ड, या कोई दूसरा पहचान पत्र 
  • बिजनेस का प्रूफ (अगर पहले से बिजनेस चल रहा है) 

बैंक अकाउंट डिटेल्स 

हालांकि, मुद्रा लोन की ब्याज दर फिक्स नहीं है। ये आपके बिजनेस के प्रकार और उसमें जोखिम के आधार पर बदलती रहती है। सामान्य तौर पर ब्याज दर 9-12% प्रति साल होती है। अच्छी बात ये है कि ये लोन बिना किसी कोलैटरल (गारंटी) के मिलता है, यानी आपको अपनी प्रॉपर्टी या कोई और चीज गिरवी रखने की जरूरत नहीं है। 

लोन चुकाने का समय भी आपके बिजनेस और लोन की कैटेगरी पर निर्भर करता है। आमतौर पर शिशु लोन को चुकाने के लिए 3-5 साल का समय मिलता है, जबकि तरुण और तरुण प्लस के लिए ये समय ज्यादा हो सकता है। 

अब तक कितना बांटा जा चुका है लोन 

वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, दस साल पहले शुरू हुई इस योजना ने अब तक 52 करोड़ से ज्यादा लोन बांटे जा चुके हैं, जिनका कुल मूल्य 32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ महीने पहले बताया था कि इसके तहत 33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के कोलैटरल-फ्री लोन दिये जा चुके हैं। 

ये लोन न सिर्फ बिजनेस शुरू करने में मदद करते हैं, बल्कि लोगों को नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाला बनने के लिए प्रेरित करते हैं। 
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी 2025 तक, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत तमिलनाडु ने सबसे ज्यादा 3,23,647.76 करोड़ रुपये का लोन वितरण किया है।

उत्तर प्रदेश 3,14,360.86 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है और कर्नाटक 3,02,146.41 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर है। पश्चिम बंगाल और बिहार में भी क्रमश: 2,82,322.94 करोड़ रुपये और 2,81,943.31 करोड़ रुपये का बड़ा वितरण हुआ है। महाराष्ट्र 2,74,402.02 करोड़ रुपये के साथ छठे स्थान पर है। यह दशार्ता है कि पिछले दस सालों में इस योजना का प्रमुख राज्यों में व्यापक असर और पहुंच रही है। 

लेकिन इसे लेने के लिए ठगी से बचें 

इस योजना ने लाखों लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका दिया है। आप अगर अपना खुद का बिजनेस करना चाहते हैं तो यह योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है। लेकिन मुद्रा योजना के नाम पर कुछ लोग ठगी भी करते हैं। न्यूज वेबसाइट मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई बार लोग फर्जी वादे करके प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते हैं। इसलिए हमेशा आफिशियल वेबसाइट या अपने बैंक से ही जानकारी लें। अगर कोई आपसे प्रोसेसिंग फीस के लिए ज्यादा पैसे मांगता है, तो सतर्क हो जायें।

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