एबीएन सेंट्रल डेस्क। पहलगाम आतंकी हमले के बाद खुफिया एजेंसियों ने हमले की साजिश रचने के संदिग्ध स्थानीय आतंकवादियों की तलाश तेज कर दी है। इस नरसंहार में 26 लोगों की जान चली गयी। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, शोपियां और पुलवामा जिलों में सक्रिय 14 आतंकवादियों की लिस्ट तैयार की गयी है।
लिस्ट के अनुसार पहचाने गए आतंकवादियों में से आठ लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं, जबकि तीन-तीन जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े हैं।लिस्ट में शामिल एक व्यक्ति वांटेड लश्कर आतंकवादी एहसान उल हक पहले ही कार्रवाई का सामना कर चुका है। हाल ही में सुरक्षा बलों ने पुलवामा में उसके घर को ध्वस्त कर दिया।
पहलगाम हमले में 16 लोगों को बैसरन मैदान में गोली मार दी गयी। इसे 2019 के पुलवामा बम विस्फोट के बाद क्षेत्र में सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक माना गया। हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदमों की घोषणा की। इसमें सिंधु जल संधि को रद्द करना शामिल था।
भारत ने अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट (कउढ) को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को रद्द करने और उच्चायोग में शीर्ष अधिकारियों की संख्या कम करने की भी घोषणा की। पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि को रद्द करने के भारत के कदम को खारिज कर दिया और चेतावनी दी कि पानी को रोकने का कोई भी प्रयास युद्ध की कार्रवाई मानी जायेगी।
उसने 1972 के शिमला समझौते को रद्द करने की भी धमकी दी, जो नियंत्रण रेखा को मान्यता देता है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवादियों का धरती के अंत तक पीछा किया जायेगा और आश्वासन दिया कि हर आतंकवादी और उनके समर्थकों की पहचान की जायेगी, उनका पता लगाया जायेगा और उन्हें सजा दी जायेगी।
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