अमेरिकी टैरिफ ने मचाया शेयर मार्केट में हाहाकार

 

  • सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स 3900 तो निफ्टी 1100 अंक गिरकर खुला; अब भी गिरावट जारी
  • शेयर बाजार में अब तक की सबसे बड़ी तबाही, निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा, जानें क्या है गिरावट की वजह

एबीएन बिजनेस डेस्क। आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही प्रमुख इंडेक्स में बड़ी गिरावट आयी,  जिससे लाखों निवेशकों के करोड़ों रुपए डूब गये। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन, शुरुआती घंटों में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट देखी गयी।

सेंसेक्स 3,939.68 अंक गिरकर 71,425.01 अंक पर खुला, जबकि निफ्टी में 1,160.8 अंक की गिरावट आयी और यह 21,743.65 अंक पर आ गया। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 30 पैसे गिरकर 85.74 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट से निवेशकों के बीच अस्थिरता और चिंता का माहौल बना हुआ है।

क्या है गिरावट की वजह?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर भारी टैरिफ लगाए हैं, जिसके बाद कई देशों ने अमेरिका पर जवाबी टैरिफ बढ़ा दिये हैं। इसमें चीन और कनाडा जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। इस बढ़ते व्यापार युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर आर्थिक तनाव बढ़ गया है और इसके परिणामस्वरूप महंगाई और मंदी का खतरा गहरा गया है। इस स्थिति ने दुनिया भर के बाजारों में भारी गिरावट को जन्म दिया है।

गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक बाजारों में आई अस्थिरता भी  है, जहां दुनियाभर के प्रमुख बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में पिछले सप्ताह भारी गिरावट के बाद अब भारतीय बाजार में भी असर देखा गया है। इसके अलावा, घरेलू आर्थिक आंकड़े और कंपनियों के तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया। निवेशकों के बीच बढ़ती अस्थिरता और कमजोर आर्थिक संकेतकों ने बाजार में हड़बड़ी की स्थिति उत्पन्न कर दी है।

निवेशकों के लिए सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थितियों में निवेशकों को धैर्य बनाए रखने और दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है। short-term बाजार उतार-चढ़ाव को लेकर घबराने की बजाय निवेशकों को लंबी अवधि के लिए मजबूत कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहिएइसके साथ ही ब्रोकरेज हाउस का निवेशकों को संदेश है कि वैश्विक बाजार की वर्तमान स्थिति और हमारी RMS नीति के तहत, कैश सेगमेंट में इंट्राडे ट्रेडिंग (लॉन्ग और शॉर्ट) अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। कृपया अपनी ट्रेडिंग योजनाओं को इसके अनुसार समायोजित करें।

बाजार में गिरावट के तीन मुख्य कारण

  1. ट्रम्प का रेसिप्रोकल टैरिफ नीति : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत समेत कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। भारत पर 26%, चीन पर 34%, यूरोपीय यूनियन पर 20%, दक्षिण कोरिया पर 25%, जापान पर 24%, वियतनाम पर 46% और ताइवान पर 32% आयात शुल्क लगाया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी व्यापार घाटा कम करना बताया गया है, लेकिन इससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ रहा है।
  2. चीन की जवाबी कार्रवाई : ट्रम्प की नीति के जवाब में चीन ने भी अमेरिका से आने वाले उत्पादों पर 34% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जो 10 अप्रैल से लागू होगा। यह कदम वैश्विक व्यापार युद्ध को और तेज कर सकता है। पहले ही अमेरिका द्वारा चीन पर 34% टैरिफ लगाया जा चुका है, और अब चीन ने जैसे को तैसा नीति अपनायी है।
  3. आर्थिक मंदी की आशंका : बढ़ते टैरिफ के चलते वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे उपभोक्ता खर्च में गिरावट आ सकती है। इसके कारण वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती आ सकती है। मांग घटने से कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखी गई है, जो आर्थिक गतिविधि की कमजोरी का संकेत है। इससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गयी है।

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