आयात कम होने से बढ़ सकते हैं खाद्य तेलों के दाम

 

खाद्य तेल आयात 4 साल के निचले स्तर पर, कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका 

एबीएन बिजनेस डेस्क। पिछले साल सितंबर में खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले का असर अब भी जारी है। फरवरी 2025 में खाद्य तेल का आयात चार साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना जतायी जा रही है। 

मौजूदा साल में खाने के तेल की कीमतें 3 से 11 रुपये तक बढ़ चुकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आयात शुल्क में बढ़ोतरी के चलते तेल की आपूर्ति में कमी आयी है। 

आयात में भारी गिरावट 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोया आयल और सूरजमुखी तेल के आयात में तेज गिरावट आयी, जिससे कुल खाद्य तेल आयात फरवरी में 12% घटकर 8.84 लाख टन पर आ गया, जो फरवरी 2021 के बाद सबसे कम है। पाम आॅयल का आयात जनवरी में 14 साल के निचले स्तर पर था लेकिन फरवरी में यह 36% बढ़कर 3.74 लाख टन हो गया। 

हालांकि, सोया तेल और सूरजमुखी तेल का आयात भारी गिरावट के साथ 8 महीने और 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। 

  • सोया तेल : 36% गिरकर 2.84 लाख टन 
  • सूरजमुखी तेल : 22% घटकर 2.26 लाख टन 
  • कम आयात के कारण खाद्य तेल का स्टॉक 26% गिरकर 1.6 मिलियन टन रह गया, जो 4 साल में सबसे कम स्तर है।

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