टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार केंद्र के पास लंबित अपने 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सोमवार को विधानसभा को यह जानकारी दी।
श्री किशोर ने सदन में 1.45 लाख करोड़ रुपये का राज्य बजट पेश करते हुए यह बात कही। इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान आबकारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने हालांकि कहा कि वास्तविक बकाया राशि का मूल्यांकन करने के लिए केंद्र और राज्य के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति बनायी गयी है।
राज्य सरकार कई वर्षों से दावा कर रही है कि कोल इंडिया लिमिटेड जैसी संस्थाओं द्वारा खनन किये गये कोयले के बदले केंद्र पर राज्य का 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया है। प्रसाद ने विधानसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा, इस साल एक मार्च को केंद्र और राज्य की एक संयुक्त समिति बनायी गयी है। समिति राज्य के 1.36 लाख करोड़ रुपये के कोयला बकाया के दावे का आकलन करेगा और हर मद में बकाया राशि की पुष्टि करेगा। हम समिति की रिपोर्ट के अनुसार राशि वसूल करेंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में लगभग 10-15 दिन पहले केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी से मुलाकात की थी। झारखंड सरकार ने दिसंबर 2024 में केंद्र से 1.36 लाख करोड़ रुपये का कोयला बकाया वसूलने के लिए कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की थी।
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