टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा ने बीते शुक्रवार को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 5,508 करोड़ रुपये के तीसरे अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बृहस्पतिवार को तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें ऊर्जा विभाग को अधिकतम 971.80 करोड़ रुपये, ग्रामीण कार्यों के लिए 873.29 करोड़ रुपये और गृह, कारा और आपदा प्रबंधन के लिए 502.61 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया।
बहस में हिस्सा लेते हुए भाजपा के राज सिन्हा ने कहा कि 2025-26 के मुख्य बजट से महज 2 दिन पहले 5,508 करोड़ रुपये के तीसरे अनुपूरक बजट की जरूरत उनकी समझ से परे है। सिन्हा ने आरोप लगाया कि सरकार 2024-25 के लिए कुल बजट आवंटन का सिर्फ 60-65 प्रतिशत ही खर्च कर सकती है। उन्होंने दावा किया, कृषि क्षेत्र में सरकार सिर्फ 20-22 प्रतिशत ही खर्च कर सकती है।
भाजपा के धनबाद से विधायक ने यह भी दावा किया कि पिछले दो साल में करीब 2.07 लाख सरकारी नौकरियां कम हुई हैं और अब सरकार के पास सिर्फ 1.59 लाख नौकरियां बची हैं। उन्होंने आरोप लगाया, सरकार अपने सभी वादों पर विफल रही है। झारखंड में पलायन बहुत ज्यादा है क्योंकि युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड में लगातार दो चुनाव - संसदीय और विधानसभा हुए, जिसके कारण वित्त वर्ष के लगभग पांच महीने आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत चले गए। तीसरे अनुपूरक बजट की जरूरत पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इससे राजस्व व्यय और उत्पादन पर असर पड़ा है।
कई विभागों ने कहा कि वे 2024-25 के लिए आवंटित बजट खर्च नहीं कर पायेंगे। इसलिए हमने ऐसे विभागों से कहा है कि वे अपना कोष लौटा दें ताकि इसे दूसरे विभागों को दिया जा सके। बहस के बाद अनुपूरक बजट को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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