टीम एबीएन, रांची। नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) ने राज अस्पताल के आपातकालीन विभाग को एनएबीएच की मान्यता दी। बोर्ड ने राज अस्पताल के आपातकालीन विभाग का मूल्यांकन किया है, और पाया कि यह एनएबीएच बोर्ड के सभी मानकों का बखूबी अनुपालन करता है।
राज हॉस्पिटल, रांची के प्रबंध निदेशक डॉ बीरेंद्र कुमार ने कहा कि एनएबीएच की मान्यता भारत में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मानक निर्धारित करता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं में सर्वोत्तम गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों को पूरा कर सकें। वर्तमान में एनएबीएच कि मान्यता भारत में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए उच्चतम बेंचमार्क मानक हैं।
आपातकालीन विभाग के प्रमाणीकरण के लिए निर्धारित किये गये मानक आपातकालीन विभाग में भर्ती मरीजों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल और सुरक्षा के लिए रूपरेखा प्रदान करते हैं।
ये मानक किसी संगठन को उनकी सेवाओं के विभिन्न पहलुओं में निरंतर गुणवत्ता बनाये रखने में मदद करते हैं। उनका लक्ष्य देश में न्यायसंगत, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली आपातकालीन चिकित्सीय सेवाएं स्थापित करना है, जिससे मरीजों को इलाज के सर्वोत्तम परिणाम मिल सकें।
आपातकालीन विभाग के प्रमुख चिकित्सक डॉ. श्याम प्रसाद (एम डी, एम ई एम) ने कहा कि 255 विभिन्न उद्देश्यों एवं 49 गुणवत्ता मानकों के कठोर निरीक्षण प्रक्रिया के बाद, राज अस्पताल को यह मान्यता प्रदान किया गया है, जिसके बाद राज अस्पताल का यह आपातकालीन विभाग एनएबीएच की गुणवत्ता मान्यता प्राप्त करने वाला झारखंड का पहला और एकमात्र अस्पताल बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज अस्पताल, रांची को पहले ही अस्पताल के लिए एनएबीएच की 5वें संस्करण की पूर्ण मान्यता मिल चुकी है और एनएबीएच इमरजेंसी के साथ हमारा अस्पताल यह उपलब्धि हासिल करने वाला पूरे झारखंड राज्य में एकमात्र अस्पताल बन गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज अस्पताल के आपातकालीन विभाग में 10 बेड हैं जो मरीज की इलाज एवं देखभाल के लिए उन्नत तकनीक, हर तरह की जाँच, आक्सीजन लाइन, आवश्यक दवाओं और मरीजों की उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सीय देखभाल के लिए आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित हैं। वैसे मरीज जो गंभीर रूप से बीमार है उनको भी तत्काल चिकित्सीय सहायता देने के लिए आपातकालीन विभाग में वेंटिलेटर तक की भी सुविधा उपलब्ध है। डॉ श्याम ने बताया कि हमने आपातकालीन विभाग में ही, गंभीर एवं समय-संवेदनशील बीमारियों से पीड़ित मरीजों जैसे की सड़क यातायात में दुर्घटनाग्रस्त, मस्तिष्क स्ट्रोक, दिल का दौरा, सेप्सिस इत्यादि का इलाज किया है।
कई बार हमने ऐसे मरीजों को थ्रोम्बोलाइज किया है जिन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ था और इससे मरीज की जान बच गई और उन्हें जल्दी से ठीक होने में मदद मिली। एनएबीएच द्वारा निर्धारित मानक यह सुनिश्चित करेंगे कि अस्पताल गंभीर रूप से बीमार या घायल सभी रोगियों के लिए सुरक्षित, प्रभावी और समय पर देखभाल प्रदान करे।
राज अस्पताल के सीईओ- साहिल गंभीर ने कहा कि राज अस्पताल शहर का 30 साल से अधिक पुराना कॉपोर्रेट अस्पताल है और मेरी हमेशा से यह इच्छा रही है कि जब गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल में सर्वोत्तम मानक स्थापित करने की बात आती है तो हमारा संगठन इस क्षेत्र में अग्रणी रहे। फरवरी 2023 में जब हमारे अस्पताल को एनएबीएच की, 5वां संस्करण पूर्ण मान्यता प्रदान किया गया तो हमने अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की और हमारे आपातकालीन विभाग को एनएबीएच की मान्यता हमारी एक और उपलब्धि है। वर्तमान में राज अस्पताल, रांची में 25 से अधिक चकित्सिय विभाग एवं 8 अति विशिष्ट चकित्सिय सेवाएं उपलब्ध है जहां हम मरीज को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उपचार और देखभाल प्रदान करते हैं। हमारा अस्पताल 24 घंटे सातों दिन उन्नत जांच की सेवाओं, ए एल एस, फार्मेसी और विशेषज्ञ देखभाल से सुसज्जित है। हम आर्थिक और नैतिक दोनों तरीकों से इस क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इतना ही नहीं, इस क्षेत्र में एक प्रमुख संस्थान के रूप में हम शिक्षा पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और उन डॉक्टरों के लिए जो आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर करना चाहते है उनके लिए केवल आपातकालीन चिकित्सा पर केंद्रित 3 वर्षो का मास्टर्स इन इमरजेंसी मेडिसन (एमईएम) कार्यक्रम सफलतापूर्वक चला रहे हैं जिसे (सोसाइटी आफ इमरजेंसी मेडिसिन इन इंडिया (एसईएमआई) के द्वारा मान्यता प्राप्त है।
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