एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर/ पलामू। छतरपुर अनुमंडल क्षेत्र में निर्धारित मानकों के विरुद्ध संचालित तीन निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रशासन की बड़ी का कार्रवाई हुई है। उपायुक्त सह पीसी एंड पीएनडीटी के अध्यक्ष शशि रंजन के निदेश पर छतरपुर अनुमंडल पदाधिकारी आशीष गंगवार के नेतृत्व में स्वास्थ्य मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले स्वास्थ्य संस्थानों में छापेमारी की गई। छतरपुर के सरईडीह रोड में संचालित तीन संस्थान वर्मा हॉस्पीटल, मां ललिता हॉस्पीटल एवं खुशी अल्ट्रासाउण्ड में छापेमारी में कई तथ्य उजागर हुए हैं।
तीनों संस्थानों के संचालकों के विरूद्ध उपाधीक्षक-सह-छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने शो-कॉज किया है। इन्हें 48 घंटे के अंदर विस्तृत स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया है। स्पष्टीकरण असंतोजनक/अप्राप्त रहने की स्थिति में कठोर कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदित किया जायेगा। छापेमारी सह औचक निरीक्षण में अनुमंडल पदाधिकारी आशीष गंगवार सहित छतरपुर के अंचल अधिकारी एवं उपाधीक्षक सह छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी शामिल रहे।
उपायुक्त शशि रंजन के निदेश पर पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत प्रशासन की कार्रवाई जारी रहेगी। उपायुक्त ने कहा कि पलामू वासियों को समयबद्धता के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के दिशा में प्रशासन निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दास्त नहीं की जाये। जिले में बिना निबंधन एवं निबंधन वैद्यता समाप्त पाये जाने वाले हॉस्पीटल एवं अन्य संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
वर्मा हॉस्पीटल के छापेमारी सह औचक निरीक्षण में कई त्रुटियां पाई गई। अस्पताल का निबंधन वैद्यता समाप्त पाई गयी। वहीं अयोग्य व्यक्ति के द्वारा मरीजों का आपरेशन किया जा रहा था। बीडीएस डॉ सुनिल वर्मा (दांत के डॉक्टर) के द्वारा मरीजों का आॅपरेशन किया जा रहा था। वहीं आॅपरेशन के पूर्व मरीजों से लिए जाने वाले घोषणा पत्र तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का संधारण लगभग न के बराबर किया जा रहा था। इतना ही नहीं निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई भी रजिस्टर्ड डॉक्टर नहीं पाये गये। जांच से स्पष्ट हुआ कि अस्पताल का संचालन बिना वैध दस्तावेज तथा रजिस्टर्ड डॉक्टर के किया जा रहा है। साथ ही बिना योग्य डॉक्टर के मरीजों का आपरेशन करते हुए आवश्यक दस्तावेजों का संधारण भी नहीं किया जा रहा है।
पदाधिकारियों द्वारा मॉ ललिता हॉस्पीटल के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल का निबंधन वैद्यता समाप्त पाई गयी। साथ ही भर्ती मरीजों से संबंधित दस्तावेजों का संधारण सही ढंग से नहीं किया जा रहा था। वहीं पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउण्ड किये जाने वाले लाभार्थियों के दस्तावेजों का संधारण सही ढंग से नहीं किया गया था। अल्ट्रासाउंड से संबंधित चिकित्सक भी मौके पर उपलब्ध नहीं पाये गये। निरीक्षण के दौरान पाये गये उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट होता है कि अस्पताल का संचालन बिना वैध दस्तावेज का करते हुए आवश्यक दस्तावेजों का संधारण भी नहीं किया जा रहा है।
छतरपुर के सरईडीह रोड में ही स्थित खुशी अल्ट्रासाउंड के औचक निरीक्षण करने पहुंचे पदाधिकारियों को दूर से आते देख जांच केंद्र के कर्मीगण जल्दबाजी में केंद्र बंद कर गायब हो गये। साथ ही दूरभाष पर वापस आने के लिए कहने के बावजूद वापस नहीं आये। निरीक्षण के क्रम में ऐसी जानकारी मिली है कि अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र का न तो निबंधन है और न ही अहर्ता प्राप्त चिकित्सक जांच करते हैं।
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