टीम एबीएन, रांची। बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में एग्रोटेक किसान मेला -2025 का आयोजन किया गया है। इसमें झारखंड के अन्नदाता किसानों, कृषक महिलाओं और कृषि उत्पाद पर आधारित युवा उद्यमियों को उन्नत कृषि, पशुपालन, वानिकी, डेयरी, जैव प्रौद्योगिकी, कृषि यंत्रीकरण, खाद्य प्रसंस्करण - मूल्य संवर्द्धन की तकनीक के साथ साथ घरेलू एवं कुटीर उद्योगों से संबंधित आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जायेगी। 8 से 10 फरवरी तक यह मेला चलेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय एग्रोटेक मेला 2025 का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बीएयू दैनिक और अन्य प्रकाशनों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने राज्य के अलग-अलग जिलों के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। शिवचरण बेदिया को प्राकृतिक खेती, मिलेट की खेती के लिए सरिता देवी, गुमला के राम मुंडा और अजय महली को सुअर पालन के लिए पाकुड़ के अफजल मियां को सम्मानित किया गया।
एग्रोटेक किसान मेला 2025 का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के लिए कृषि सबसे महत्वपूर्ण है। कृषि में प्रौद्योगिकी के प्रयोग से कृषि क्षेत्र प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि में हर राज्य के किसानों की अपनी-अपनी चुनौतियां होती हैं। आज अगर किसान न हों तो लोग भूखे मरने की कगार पर आ जायेंगे।
उन्होंने कहा कि बीएयू और कृषि के विकास के लिए बहुत काम करना होगा। बचपन में हमारे गांव में गन्ना की खेती होती थी लेकिन आज नहीं होती है, गुड़ भी अब नहीं बनता है। खेती के लिए जगह कम पड़ती जा रही है। इसलिए राज्य में कैनाल की जगह पाइप लाइन आधारित कैनाल बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मेला देखने आये किसानों में से एक महिला और एक पुरूष किसान को बुलाकर कृषि से जुड़ी जानकारी और सरकार से वह क्या चाहते हैं इसकी जानकारी ली।
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