एबीएन न्यूज नेटवर्क, विश्रामपुर (पलामू)। सीबीई ने नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) की रेटिंग में हुई बड़े घोटाले के सिलसिले में शनिवार को पलामू के विश्रामपुर स्थित आरसीयू के उपकुलपति के कार्यालय की जांच की थी। तीन घंटे तक आरसीयू के वीसी समरेंद्र नाथ साहा के कार्यालय की हुई जांच के बाद सीबीआई को उससे जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला। जिसके बाद सीबीआई की जांच टीम वापस लौट गयी।
इस संबंध में आरसीयू के रजिस्ट्रार प्रो डॉ देवाशीष मंडल ने बताया कि जांच के बाद सीबीआई की टीम ने उन्हें लिखित सीजर लिस्ट दिया है, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि जांच में उन्हें न तो उससे संबंधित कोई दस्तावेज मिला है और न ही कोई कैश। उन्हें केवल दो नोट पैड मिला है जो श्री साहा के हैंडराइटिंग में था। जिसे सीबीआई की टीम अपने साथ ले गयी है।
बताते चलें कि आरसीयू के वर्तमान वीसी एसएन साहा जो यहां 14 दिसंबर 2024 को बतौर वीसी योगदान दिया था और मात्र एक सप्ताह विश्वविद्यालय के लिये कार्य किये थे। इसके पहले वे नैक के चेयरमैन रह चुके हैं। वहां से सेवानिवृत्त के बाद वे आरसीयू के वीसी बनाये गये थे। नैक के चेयरमैन रहते ग्रेडिंग देने में भारी अनियमितता बरती गयी थी। उसी सिलसिले में सीबीआई की जांच टीम पलामू के विश्रामपुर आरसीयू में आयी थी।
इसके अलावे देशभर के 20 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। आरसीयू के रजिस्ट्रार डॉ मंडल ने बताया कि उससे जुड़ा सीबीआई की जांच टीम को कोई दस्तावेज यहां नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी मिलते ही श्री साहा को वीसी के पद से हटाने की प्रकिया शुरू कर दी गयी है। ताकि आरसीयू के इमेज पर कोई अंगुली न उठा सके। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान श्री साहा छुट्टी पर थे, उनकी गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse