एबीएन सेंट्रल डेस्क। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने हमेशा देश और समाज के कल्याण को प्राथमिकता दी। हजारे ने 2010 के दशक की शुरुआत में सिंह के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने आंदोलन को याद किया।
अस्सी वर्षीय कार्यकर्ता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया और त्वरित निर्णय लिये। हजारे ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि से कहा कि जो लोग जन्म लेते हैं, उन्हें मरना ही पड़ता है, लेकिन कुछ लोग यादें और अपनी विरासत पीछे छोड़ जाते हैं।
श्री सिंह ने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। हजारे ने कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ थे और उन्होंने लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम के संबंध में तत्काल निर्णय लिये। उन्होंने हमेशा देश के बारे में सोचा और इस बात पर ध्यान दिया कि वह देश के लोगों के लिए किस तरह से बेहतर काम कर सकते हैं।
हजारे ने कहा कि 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री रहे सिंह ने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी और इसे विकास के पथ पर आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह ने भले ही देह त्याग दिया हो, लेकिन वे हमेशा (लोगों की) यादों में बने रहेंगे। सिंह का बृहस्पतिवार देर रात दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे।
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