एबीएन डेस्क। टाटा संस के अंकेक्षक ने टाटा स्टील की सहायक टाटा स्टील यूरोप के चालू रहने को लेकर अनिश्चितता पर कंपनी के शेयरधारकों का ध्यान आकर्षित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है, टाटा स्टील यूरोप के चालू रहने की क्षमता को लेकर पर्याप्त खुलासा न किए जाने पर हम एकीकृत वित्तीय विवरण पर आपका ध्यान खींचना चाहते हैं। कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण टाटा स्टील यूरोप को अपने दायित्व के निर्वहन के लिए समूह कंपनी का सहयोग लेना होगा क्योंकि इसकी तारीख नजदीक आ रही है। टाटा स्टील यूरोप को टीएस ग्लोबल प्रोक्योरमेंट कंपनी पीटीई लिमिटेड अंडरटेकिंग से पत्र मिला है कि उन्हें कार्यशील पूंजी व अन्य नकद सहायता उपलब्ध कराया जाए, जो टाटा स्टील यूरोप की अगले 12 महीने की अपनी जरूरत के अनुमान से ज्यादा है। इस पत्र में कहा गया है कि इस पर कोई निश्चितता नहीं है कि टाटा स्टील यूरोप को वास्तव में यह रकम उपलब्ध कराई जाएगी। अंकेक्षक ने कहा है, ये बातें व एकीकृत वित्तीय विवरण में लिखे अन्य मामलों के साथ अनिश्चितता की स्थिति टाटा स्टील यूरोप के चालू बने रहने को लेकर संदेह पैदा करते हैं। एकीकृत वित्तीय विवरण में समायोजन को शामिल नहीं किया गया है, जिसका नतीजा यह होगा कि टाटा स्टील यूरोप चालू स्थिति में बने रहने सक्षम नहीं होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 21 में 62 फीसदी घटकर 9,460.24 करोड़ रुपये रह गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 24,770.46 करोड़ रुपये रहा था। परिचालन राजस्व में सहायक कंपनियों से मिला लाभांश शामिल होता है और यह वित्त वर्ष 20 में काफी ज्यादा था, जिसकी वजह लाभ वाली सहायक फर्म टीसीएस से विशेष लाभांश थी। वित्त वर्ष 21 की अन्य आय 10,138 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 125.93 करोड़ रुपये रही थी। इसकी मुख्य वजह टीसीएस की तरफ से हुई पुनर्खरीद के कारण मिला लाभ है। कंपनी की सालाना रिपोर्ट से यह जानकारी मिली। टाटा स्टील यूरोप का नुकसान पिछले वित्त वर्ष में 79.3 करोड़ पाउंड रहा, जिसकी मुख्य वजह कोविड के कारण मांग में आई गिरावट है। टाटा स्टील ने हालांकि यूरोपीय परिचालन को वित्तीय सहारा दिया, लेकिन उसकी अंकेक्षक पीडबल्यूसी ने चेतावनी दी है कि इस बात की कोई निश्चितता नहीं है कि टाटा स्टील यूरोप की फंड की जरूरत पूरी की जाएगी। स्टील कीमतों में तेजी से हालांकि उसकी किस्मत में सुधार के संकेत मिले हैं। सालाना रिपोर्ट हालांकि चेयरमैन व अन्य निदेशकों के वेतन का जिक्र नहीं करता। कार्यकारी निदेशक सौरभ अग्रवाल का वेतन 35 फीसदी बढ़कर 21.5 करोड़ रुपये रहा। उनके कार्यकाल के विस्तार पर 14 सितंबर को होने वाली आगामी एजीएम में चर्चा होगी। वित्त वर्ष 21 में कर पूर्व लाभ 7,503.01 करोड़ रुपये था, जो एक साल पहले 2,679.75 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी सकल कर्ज घटाकर 27,615 करोड़ रुपये पर लाने में कामयाब रही, वहीं सकल उधारी वित्त वर्ष 21 के लिए 30,334.30 करोड़ रुपये रही।
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