टीम एबीएन, रांची। एलपीजी की किल्लत पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब ऐसी स्थिति होती है तो जानकारी पहले प्राप्त हो जाती है, लेकिन यहां घटना पहले हो जाती है और जानकारी बाद में प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि अजीबोगरीब स्थिति बन गयी है और अभी आगे-आगे देखिए कौन सा दिन ये लोग दिखायेंगे।
झारखंड विधानसभा में सदन की कार्यवाही के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्थिति ऐसी है कि छोटे-मोटे काम कर खुद का और दूसरों का भी पेट पालने वाले अब खुद अपना पेट नहीं पाल पा रहे हैं। आज सामान्य वर्ग, गरीब-गुरुबा और छोटे-मोटे कम करने वाले सभी लोगों का जीवन दूभर हो गया है। मुख्यमंत्री ने सवालिया लहजे में कहा कि आप लोगों को कितने में गैस सिलेंडर मिल रहा है।
इधर, राज्य में एलपीजी सिलेंडर कि किल्लत को दूर करने की मांग तेज होने लगी है। गैस सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान जनता को राहत दिलाने के लिए झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग आगे आया है। आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर राज्य में गैस सिलेंडर की कमी के कारण हो रही परेशानी से अवगत कराया है।
राजधानी रांची सहित राज्य के विभिन्न शहरों में घरेलू के साथ-साथ कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत देखी जा रही है। इंडियन आॅयल से जुड़ी गैस एजेंसियों के माध्यम से रोजाना 150 से लेकर 1000 तक कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति होती है। औसतन 500 सिलेंडर प्रतिदिन के हिसाब से केवल एक कंपनी की आपूर्ति लगभग 2।25 लाख सिलेंडरों के रोटेशन पर आधारित होती है, जो ग्राहकों तक पहुंचायी जाती है।
इसी तरह भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और अन्य तेल कंपनियां भी गैस की सप्लाई करती हैं। फिलहाल एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस वितरण किया जाए और कमर्शियल पर फिलहाल रोक लगा दी गयी है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse