टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को 130वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि इसके पीछे बड़ा छिपा हुआ एजेंडा है। सोरेन ने कहा कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि यह विधेयक, जिसमें 30 दिन या उससे अधिक की सजा मिलने पर मंत्रियों को उनके पद से हटाने का प्रावधान है, आखिर संसद में क्यों लाया गया।
उन्होंने विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पीछे बड़ा छिपा हुआ एजेंडा है, जिसे हम समझ नहीं पा रहे हैं। लेकिन यह बात आगे चलकर स्पष्ट हो जायेगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने चुनाव आयोग की मदद से बिहार में लाखों मतदाताओं के नाम हटा दिये और जो लोग केंद्र और उसकी नीतियों का विरोध करते हैं, उन्हें ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों के जरिए झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।
सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार कानून बनाकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों को इस बात की छूट देती है कि पद पर रहते हुए लिए गए फैसलों के लिए उन पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो। ऐसा प्रावधान दुनिया में कहीं नहीं है। उन्होंने दावा किया कि देश की आधी आबादी को भाजपा के प्रचार पर यकीन करने के लिए मजबूर कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री झारखंड में खनिज खदानों की नीलामी की निगरानी में व्यस्त हैं, जबकि आदिवासी यहां बेहद गरीबी में जी रहे हैं और यूरेनियम जैसे खनिजों के खनन से उत्पन्न विकृतियों और बीमारियों से जूझ रहे हैं।
सोरेन ने कहा कि झारखंड देश के विकास में योगदान देता है, लेकिन बदले में उसे केंद्र की उपेक्षा झेलनी पड़ती है उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात को लेकर संदेह है कि केंद्र सरकार झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन (जिनका 6 अगस्त को निधन हुआ) को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करेगी।
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