संत अलोईस स्कूल के विद्यार्थियों ने जल संरक्षण दिवस पर निकाली शोभायात्रा

 

टीम एबीएन, रांची। जल संरक्षण दिवस के अवसर पर आज संत अलोईस स्कूल के फ्री नर्सरी से लेकर सातवीं कक्षा तक के छात्रों ने शोभायात्रा निकालकर लोगों को जल संरक्षण और जल के महत्व से अवगत कराया। शोभायात्रा में प्री नर्सरी नर्सरी स्टैंडर्ड वन से लेकर सातवीं कक्षा तक के छात्र स्कूल यूनिफॉर्म में अपने अपने हाथों में पोस्ट थावे जल संरक्षण का नारा लगा रहे थे पोस्ट में लिखो नारे थे जल है तो जीवन है जल है तो कल है दिनभर पेट्रोल जलाकर पसीना से नहाने वाले वाहन चालक आप सभी एक बूंद जल की कीमत को समझें। 

हाथों में नारे लिखित शक्तियां भी थामे हुए थे जिस पर लिखा था जल बचाओ फिर जल पानी की फिजूल खर्ची बंद करो और बरसात के जल को बहाने मत दो जल संरक्षण को महत्व दो। शोभा यात्रा संत अलोईस के नर्सरी कक्षा के परिसर में एकत्रित छात्रों के साथ शोभा यात्रा की शक्ल में डॉक्टर कामिनी कामिल बुल्के पथ पर बढ़ते हुए संत एलॉयज मिडिल स्कूल से आगे प्रेस चौक तक पहुंची और वहां से लौटकर पुणे स्कूल परिसर में आकर संपन्न हो गयी। 

पानी का मूल समझ कर जल संरक्षण का संकल्प ले : डॉक्टर मेरी ग्रेस 

उर्सुलाईन इंटरमीडिएट कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर मेरी ग्रेस इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थी। उनके साथ सिस्टर सुशीला ओएसयू, संत अलोईस मोंटसरी स्कूल के प्रिंसिपल ब्रदर माइक जेत्रोम, संत अलोईस हाई स्कूल के हेड मास्टर ब्रदर आलफोंस तथा संत अलोईस इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रिंसिपल ब्रदर क्लेमेंट और स्कूल के अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद थी। 

डॉक्टर मेरी ग्रेस ने बतौर मुख्य अतिथि इस अवसर पर इस जल संरक्षण के इस कार्यक्रम को आवाम के बीच जागरूकता लाने वाला और जल संकट से निजात दिलाने वाला बताया कहा कि जल संरक्षण हर एक व्यक्ति का महत्वपूर्ण और पुनीत कर्तव्य है। पानी को जीवनदाई स्रोत बताते हुए कहा पानी की समस्या पिछले कुछ दशकों से बहुत ही गंभीर होती जा रही है और समय रहते यदि हम लोग इसके प्रति गंभीर और सचेत नहीं हुई तो यह बहुत बड़ी समस्या का कारण होगा। 

उन्होंने कहा रोटी कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी जरूरत के साथ जल और जंगल भी मनुष्य के जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है खाने के बगैर तो आदमी 2 दिन 4 दिन की लगा लेकिन आक्सीजन के बिना दो पल और पानी के बिना एक दिन से ज्यादा जिंदा नहीं रह सकता आज स्वार्थ के कारण इंसान प्रकृति के प्रति इतना गैर जिम्मेदार हो गया है की जल संकट जल प्रदूषण वायु प्रदूषण और पर्यावरण संकट आम हो गई है पानी हमारे प्यास बुझाने के लिए ही नहीं बल्कि खेती उद्योग ऊर्जा उत्पादन और जीव जंतु सभी सबके जीवन के लिए जरूरी है जल संकट होगा तो खाद्य संकट आर्थिक संकट और स्वास्थ्य संकट तीनों स्वत पैदा हो जाएंगे इसलिए जल बचाना और जल का संरक्षण हर एक व्यक्ति का कर्तव्य है। 

साथ ही हमें बरसात के दिनों में वर्षा के पानी का संचयन करना है और वर्षा के पानी के संचयन में हमें सरकार के कार्यक्रम को अपना कर सरकारी अभियान काका सहयोग करना है। हर एक व्यक्ति चाहे वह बच्चा हो या बुजुर्ग यह याद रखें कि हम पानी बचाते हैं तो जीवन बचाते हैं इसलिए संकल्प ले और पानी के महत्व को समझें और जल संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं जल बचेगा तो हम सभी के चेहरे पर मुस्कान होगी। 

जल है तो जीवन है और हमारा कल है : ब्रदर माइक जेत्रोम 

ब्रदर माइक जेत्रोम ने जल संरक्षण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम को आवाम में जागरूकता लाने वाला और लोगों को जल संरक्षण के प्रति संकल्प लेने वाला बताया कहा कि जल से ही जीवन है और जल बचेगा तो हमारा कल अर्थात भविष्य बचेगा।

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