टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमस रामचंद्र राव ने सीनियर डीएसपी से एसपी के पद पर प्रोन्नति पर लगी रोक को हटा दी है। एकलपीठ ने 26 मार्च को प्रमोशन देने पर रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ प्रार्थियों ने खंडपीठ में अपील की थी।
इस संबंध में रजतमणि वाखला एवं अन्य ने एकलपीठ में याचिका दायर की थी। प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया था कि सरकार ने डीएसपी पद पर तैनात नौ अधिकारियों को एसपी में प्रोन्नति देने के लिए सूची भेजी है। यह सूची गलत है। सूची में तीन डीएसपी शिवेंद्र, राधाप्रेम किशोर, मुकेश महतो का भी नाम शामिल है।
इन तीनों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। इनके खिलाफ सीबीआई जांच चल रही है और सीबीआई ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया है। दागी डीएसपी का नाम प्रोन्नति के लिए सरकार ने भेजा है, जबकि जिन अधिकारियों पर कोई आरोप नहीं है उनका नाम प्रोन्नति के लिए नहीं भेजा गया है।
नियमों के अनुसार जिस अधिकारी पर आपराधिक मामला चल रहा है उसका नाम प्रोन्नति के लिए नहीं भेजा जा सकता। सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार और संघ लोक सेवा आयोग को नियुक्ति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया था।
इसके खिलाफ खंडपीठ में याचिका दायर की गयी थी। खंडपीठ में प्रार्थियों की ओर से कहा गया कि प्रमोशन पर रोक लगाने का आदेश उचित नहीं है। सुनवाई के बाद अदालत ने रोक हटा ली।
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