एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड में किये गये संशोधन को लेकर लागू किये गये नये कानून पर देशभर में राजनीतिक बहस छिड़ी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन कर रही है। इसी विषय को लेकर भाजपा झारखंड प्रदेश द्वारा रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में वक्फ कानून को लेकर एक जनजागरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
भाजपा नेताओं के अनुसार, कार्यकर्ता आम जनता, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के बीच जाकर इस कानून को लेकर फैलायी जा रही भ्रांतियों को दूर करेंगे। मुख्य अतिथि दुष्यंत गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि जब-जब केंद्र सरकार ने देशहित में कोई निर्णय लिया है, विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस ने उसका विरोध किया है।
वक्फ बोर्ड लंबे समय से विकास में बाधा बनता रहा है। विपक्ष के कई नेताओं ने वक्फ की जमीनों पर अपने निजी व्यवसाय या कॉलोनियां खड़ी कर ली हैं। सरकार ने ऐसी अनियमितताओं को रोकने और वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह संशोधन किया है। उन्होंने आगे कहा कि वक्फ अधिनियम में संशोधन का उद्देश्य गरीब मुस्लिम समाज को सशक्त बनाना और उन्हें मुख्यधारा के विकास से जोड़ना है।
मौके पर कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल, पूर्व विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा और अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष किशुन दास सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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