रांची के जगन्नाथ मंदिर में जादुई किचन, यहां कभी खत्म नहीं होता खाना, हर दिन 1 हजार श्रद्धालु लेते प्रसाद
टीम एबीएन, रांची। रांची में एक ऐसा किचन है जिसे देखकर और इसके बारे में सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। लोग इसे जादुई किचन कहते हैं, क्योंकि यहां जितना भी कम खाना बने, वह कभी खत्म नहीं होता।
यहां के लोगों का मानना है कि यह जगन्नाथ भगवान का आशीर्वाद है। ऐसा ही एक किचन पुरी के जगन्नाथ मंदिर में भी है, जहां पर श्रद्धालुओं का खाना कभी खत्म नहीं होता। उसी तरह रांची के जगन्नाथ मंदिर में भी एक किचन है। यहां के रसोइया शिवानंद बताते हैं कि जगन्नाथ मंदिर परिसर में भक्तों को प्रसाद देने के लिए एक बड़ा किचन बना हुआ है। यहां दिन में दो बार प्रसाद बनता है। चावल, दाल, सब्जी और खीर ये चार चीजें बनाई जाती हैं। यहां हर समय 100 से 150 श्रद्धालु खाते हुए नजर आ जायेंगे। दिन में 1000 से अधिक लोग यहां खाना खाते हैं। रसोइया शिवानंद बताते हैं कि खाना एक निश्चित मात्रा में ही बनता है, लेकिन इसके बावजूद आज तक ऐसा नहीं हुआ कि कोई श्रद्धालु बिना प्रसाद के वापस लौटा हो। एक बार भोग सुबह 9 बजे और एक बार 3 बजे बनता है। एक बार में 15 किलो चावल, 10 किलो दाल और 10 किलो खीर बनती है।
बड़ी शुद्धता के साथ भगवान जगन्नाथ को प्रणाम कर खाना पकाया जाता है। उन्होंने बताया कि यहां का किचन भी काफी पवित्र है। ऐसा नहीं है कि कोई भी अंदर आ जाये। केवल दो से तीन रसोइया ही अंदर जाते हैं। हम सुबह स्नान करके भगवान की पूजा करते हैं और सफेद रंग की धुली हुई धोती पहनते हैं। फिर खाना बनाने से पहले एक बार फिर स्नान करते हैं। कोई भी बाहरी व्यक्ति या मंदिर का अन्य कर्मचारी किचन में प्रवेश नहीं कर सकता। रसोइया शिवानंद बताते हैं कि मैं पिछले 14 साल से इस किचन की जिम्मेदारी संभाल रहा हूं, लेकिन 14 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई भी श्रद्धालु यहां से खाली हाथ लौटा हो। आश्चर्य की बात यह है कि अंतिम श्रद्धालु के आते-आते खाना भी खत्म हो जाता है और सभी श्रद्धालु संतुष्ट होकर चले जाते हैं। आप भी यहां का भोग प्रसाद पाना चाहते हैं तो हर दिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक यहां आ सकते हैं।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse