टीम एबीएन, लोहरदगा। लगभग 30 वर्षों से प्राथमिक शिक्षकों की प्रोन्नति बाधित है। प्राथमिक शिक्षकों के लिए 1993 में प्रोन्नति बनायी गयी है। झारखंड प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र सुमन, महासचिव प्रेम प्रसाद राणा, उपाध्यक्ष मुमताज अहमद ने कहा कि नियमावली में स्पष्ट उल्लेख है कि हर वर्ष जनवरी माह में अहर्ता रखने वाले शिक्षकों को जिलेवार नियमानुसार प्रोन्नति सूची बनाकर प्रकाशित करना है।
प्रोन्नति के लिए पर्याप्त अहर्ता के बावजूद सरकार की मंशा प्राथमिक शिक्षकों को प्रोन्नति नहीं देने की रही। इसके ठीक विपरीत शिक्षा विभाग प्राथमिक शिक्षकों को अलग अलग श्रेणी में बांटने में ज्यादा रूचि लेते रही है।
वर्ग 1-8 में बहाल शिक्षकों को बिना कोई नीति के 1 से 5 बना दिया जाता है, तो सर्व शिक्षा अभियान के तहत ग्राम शिक्षा समिति द्वारा नियुक्त शिक्षकों को महज एक परीक्षा मात्र से ही वर्ग 6-8 शिक्षक के रूप में पदस्थापित कर दिया जाता है। ग्रेड-7 पाने के लिए 13 वर्षों का अनुभव आवश्यक है।
माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद प्राथमिक शिक्षकों की प्रोन्नति देने में टाल मटोल की रवैया अपनाया जाता रहा है। कभी ग्रेड 4 पा चुके शिक्षकों की स्थिति में कोई परिवर्तन करने का पत्र निर्गत किया जाता है तो कभी भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति नहीं देने के फरमान जारी कर दिया जाता है।
विभाग और सरकार के इस दोहरे मापदंड से शिक्षकों में निराशा-हताशा के साथ-साथ भारी रोष है। शिक्षा सचिव के हालिया पत्र से शिक्षकों में यह धारणा प्रबल हो गई कि सरकार विभिन्न नियुक्त वर्ष में नियुक्त शिक्षकों को आपस में ही उलझाना चाहती है। सरकार की मंशा प्रोन्नति देने की नहीं है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse