टीम एबीएन, चौपारण। हजारीबाग जिले के चौपारण की धरती ने समाजसेवा का एक बड़ा स्तंभ खो दिया। क्षेत्र में पांच दशकों से अधिक समय तक गरीबों और जरूरतमंदों का सहारा बने अमल कुमार चटर्जी उर्फ अमल दा का 72 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके जाने से पूरे इलाके में गहरा शोक है।अमल दा का जन्म सितम्बर 1953 में चौपारण में हुआ था। वे प्रसिद्ध चिकित्सक और समाजसेवी डॉ सुशील चटर्जी के पुत्र थे, जिन्होंने गांधीजी से प्रेरित होकर 1945 में बापूजी मेडिकल की स्थापना की थी। परिवार ने चौपारण में चिकित्सा और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया।
इसी कड़ी में अमल दा ने 1975 में अपनी दिवंगत बहन की स्मृति में सविता मेडिकल खोली, जो सिर्फ दवा दुकान नहीं बल्कि गरीबों का सहारा बन गयी। कहा जाता है कि किसी मरीज को महंगी दवा देनी पड़ती तो उनकी आंखें नम हो जाती थीं। वे हमेशा कम खर्च में लोगों को राहत देने का प्रयास करते। आधी रात में भी मदद को तत्पर रहना उनकी पहचान थी। यही वजह रही कि चौपारण का हर गरीब उनके दरवाजे तक भरोसे के साथ पहुंचता था।
समाजसेवा के साथ उन्हें फुटबॉल का भी शौक था और वे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने हमेशा मैदान में मौजूद रहते। पीछे पुत्र अभिषेक चटर्जी और पुत्री प्रियंका मुखर्जी हैं। उनके निधन पर सांसद मनीष जायसवाल, विधायक मनोज कुमार यादव, पूर्व विधायक उमा शंकर अकेला समेत कई शिक्षाविदों व चिकित्सकों ने शोक जताया और कहा कि अमल दा का जाना चौपारण के लिए अपूरणीय क्षति है।
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