टीम एबीएन, रांची। चलते मानसून सत्र में सदन के अंदर विपक्षी दलों का विरोध लगातार देखने को मिल रही है। इसी बीच झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संचालित प्रतियोगि छात्रों का भी नाराजगी बढ़ते जा रही है। छात्रों ने आज विभिन्न मांगों को लेकर सदन के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।
पुराना विधानसभा परिसर से पदयात्रा करते हुए न्यू विधानसभा परिसर कुटे मैदान पहुंचे। विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस प्रशासन और छात्रों के बीच नोंक-झोंक चलती रही। छात्र खेत और पगडंडियों के रास्ते से होते हुए आंदोलन स्थल तक आ पहुंचे। झारखंड सरकार और जेएसएससी के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया।
आंदोलन का समर्थन देने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो पहुंचे। न्यू विधानसभा के समक्ष मांग पट्टी व तख्ती लहराते हुए घंटों तक धरना-प्रदर्शन दिया। और सदन के अंदर के माननीयों को अपने ओर ध्यान आकृष्ट कराने का प्रयास किया। कई बार वार्ता का प्रयास किया गया लेकिन वह विफल रहा।
अंततः देर शाम को देवेंद्रनाथ महतो ने सरकार के डेलीगेट से टेलिफोनिक वार्ता करते हुए मौजूद सदर कार्यपालक दंडाधिकारी मो० जफर हसनात को पांच सूत्रीय लिखित ज्ञापन सौंपा-
देवेन्द्रनाथ महतो ने कहा कि छात्रों का मांग बिल्कुल जायज है। छात्रों की नाराजगी स्वाभाविक है। आंदोलन स्थल से सरकार के डेलीगेट टीम से हमारी टेलिफोनिक वार्ता हुई है 28 अगस्त (गुरुवार) को मुख्यमंत्री महोदय से हमारे छात्र मंडली का वार्ता होना सुनिश्चित हुआ है। सीएम के समक्ष हम अभ्यार्थियों को आयु में छूट देते हुए परीक्षा कैलेंडर के साथ परीक्षाएं व रीजलट जारी करने की मांगों को मजबूती रखेंगे।
छात्र चंदन कुमार रजक ने कहा कि पिछले 9 वर्षों से राज्य में जैटेट परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है। प्रशिक्षित शिक्षक अभ्यर्थियों की फौज बढ़ती जा रही है। हम लोगों ने विभागीय पदाधिकारीयों व विभागीय मंत्री को कई बार लिखित विज्ञापन दे चुके हैं। फिर भी अब तक जेएसएससी की उदासीनता बरकरार है। आज के आंदोलन में शिक्षक, अभिभावक व छात्रों की भारी भीड़ देखने को मिली।
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