टीम एबीएन, रांची। झारखंड के रांची जिले के मांडर प्रखंड में वक्फ कानून 2025 को रद्द करने की मांग को लेकर तहफ्फुज ए वक्फ कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व में मुड़मा मदरसा बगीचा में आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोग ने वक्फ कानून को वापस लेने की मांग को लेकर शामिल हुए।
लोगों ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून 2025 मुस्लिम समुदाय के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर हमला है। उन्होंने सरकार से इस कानून को वापस लेने की अपील की और कहा कि यदि हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।
यह विरोध-प्रदर्शन रांची के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला, जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ संशोधन कानून 2025 के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने इस कानून को संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ बताया और इसे वापस लेने की मांग की। बाद में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की और कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा को इससे संबंधित एक ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से वक्फ कानून को वापस लेने की मांग की गई। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि किसी भी हाल में झारखंड में वक्फ बोर्ड कानून को लागू होने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के कारण हिंसक घटनाएं घट रही है।
लोगों की जान जा रही है। यह सभी जानते हैं। बंगाल में लगातार हिंसक घटनाएं घट रही हैं। लोगों की जानें जा रही। झारखंड में भी लोग आक्रोशित हैं। सुरेश कुमार बैठा ने कहा कि जिसका जो हक है, उस पर आघात पहुंच रहा है। किसी पर आघात पहुंचाना अच्छी बात नहीं है। शमशेर आलम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास कोई काम नहीं है।
एक साजिश के तहत हमारी कौम पर जुल्म पर जुल्म कर रही है। इसी मौके पर ऑल मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के नेता एस. अली, जिला परिषद सदस्य आदिल अजीम, रांची जिला ग्रामीण अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्यक्ष शमीम अख्तर, अंजुमन-ए-इस्लाम के सादर नुरुल्लाह हबीब नदवी, युवा अध्यक्ष शमशुल शेख, समेत सैकड़ों लोगों शामिल थे।
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