एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। साल 2015 में अंधविश्वास के नाम पर हुई दो लोगों की हत्या मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इस मामले में 6 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही इन पर जुर्माना भी लगाया गया है। मामले को लेकर दो अलग-अलग ट्रायल चले, जिसमें एक सेशन ट्रायल में 5 और दूसरे सेशन ट्रायल में एक आरोपी को सजा हुई है।
दरअसल, अंधविश्वास, डायन-बिसाही के नाम पर दो लोगों की बर्बरता पूर्वक पीट-पीटकर हत्या मामले में अदालत में छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि 11 आरोपियों को बरी किया गया है।
आरोपितों को जुर्माना भी लगाया गया है। एडीजे टू नीरजा आशरी की अदालत ने फैसला सुनाया है। मामले में अपर लोक अभियोजक सुमन कुमार ने दलीलें पेश की। फिलहाल सभी जेल में हैं। मामला लोहरदगा जिला के कैरो थाना क्षेत्र का है। यह घटना 14 अगस्त 2015 की है।
इस घटना में लोहरदगा जिला के कैरो थाना क्षेत्र के हुदू निवासी बुधराम भगत और मन्ना मुंडा की ग्रामीणों ने ओझा-गुणी का आरोप लगाकर पीट पीटकर हत्या कर दी थी। गांव में एक बच्चा अक्सर बीमार रहता था। इस बात को लेकर बच्चे के परिजन एक ओझा के पास गए।
ओझा ने दो लोगों के नाम बताए थे। जिसके बाद बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने बुधराम और मन्ना मुंडा को पकड़कर एक स्थान पर ले जाकर पीट पीटकर हत्या कर दी थी। मामले को लेकर स्वर्गीय बुधराम भगत के बेटे जतन भगत के बयान पर कैरो थाना में अपराध संख्या 30/2015 दर्ज किया गया था।
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