एबीएन नॉलेज डेस्क। पृथ्वी की ओर बढ़ रहे विशाल एस्टेरॉयड 2024 वाइआर-4 ने वैज्ञानिकों की चिंता को और बढ़ा दिया है। इस एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की संभावना पहले जतायी गयी थी, लेकिन अब एक नये अध्ययन में इसकी संभावना को और बढ़ा दिया गया है। नासा के सेंटर फॉर नियर अर्थ आब्जेक्ट स्टडीज के वैज्ञानिकों ने इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना को 1.3% से बढ़ाकर 2.3% कर दिया है। इसके अलावा, अब वैज्ञानिकों का मानना है कि यह एस्टेरॉयड चंद्रमा से भी टकरा सकता है, जिसमें इसकी संभावना 0.3% जतायी गयी है।
अगर यह एस्टेरॉयड चंद्रमा से टकराता है, तो इसके परिणामस्वरूप एक बड़ा गड्ढा बन सकता है, क्योंकि चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं है। वैज्ञानिकों का कहना है कि चंद्रमा पर टकराव से मलबा अंतरिक्ष में फैल सकता है और कुछ मलबा पृथ्वी पर गिर सकता है। हालांकि, डेविड रैंकिन, एरिजोना विश्वविद्यालय के खगोलशास्त्री के अनुसार, पृथ्वी पर गिरने वाले मलबे से कोई बड़ा खतरा उत्पन्न नहीं होगा।
एस्टेरॉयड 2024 वाइआर-4 का आकार 40 से 90 मीटर के बीच है, और इसकी टकराव की संभावना पहले 1.3% थी, जो अब बढ़कर 2.3% हो गयी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह एस्टेरॉयड पृथ्वी से टकराता है और किसी आबादी वाले इलाके में गिरता है, तो इससे गंभीर नुकसान हो सकता है। हालांकि, यह संभावना है कि यह एस्टेरॉयड समुद्र या पृथ्वी के किसी दूरस्थ हिस्से में गिरेगा।
वर्तमान में यह एस्टेरॉयड पृथ्वी से काफी दूर है और यह कहना मुश्किल है कि अगर टकराव होता है तो इसके प्रभाव क्या होंगे। संयुक्त राष्ट्र के खगोलविद इस एस्टेरॉयड पर लगातार नजर बनाये हुए हैं। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (एरअ) के अनुसार, इस एस्टेरॉयड के पृथ्वी के पास 22 दिसंबर 2032 को सुरक्षित रूप से गुजरने की संभावना 98-99% है, लेकिन 2% संभावना टकराव की बनी हुई है, जो एक बड़ी तबाही का कारण बन सकती है। इस तबाही की जद में दक्षिण एशिया के देशों जैसे भारत और पाकिस्तान भी आ सकते हैं।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse