एबीएन बिजनेस डेस्क। भारत में, जीएसटी के तहत पूंजीगत सामान को केंद्रीय माल और सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 2(19) में परिभाषित किया गया है। इस परिभाषा के अनुसार, पूंजीगत सामान से तात्पर्य उन वस्तुओं से है जिनका उपयोग या उपयोग के लिए इरादा व्यवसाय के दौरान या आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है और जिनका मूल्य करदाता के वित्तीय खातों में पूंजीगत संपत्ति के रूप में दर्ज किया जाता है। ये सामान इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पात्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे व्यवसायों को उनके पूंजीगत व्यय के आधार पर आईटीसी का दावा करने की अनुमति देते हैं।
व्यवसाय, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ढांचे के तहत व्यवसाय के दौरान या उसे आगे बढ़ाने में उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत सामानों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा कर सकते हैं। पूंजीगत वस्तुओं पर आईटीसी के लिए पात्रता इस प्रकार है :
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