एबीएन सोशल डेस्क। होली का त्योहार सनातन धर्म के सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना जाता है। साथ ही हिंदू धर्म में होली को लेकर कई मान्यताएं भी प्रचलित हैं। ऐसे में आज हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि होलिका दहन किन लोगों को नहीं देखना चाहिए वरना जीवन में नकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं।
फाल्गुन महीने के पूर्णिमा तिथि को होली के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर अग्नि से विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद बच गये थे और वहीं अग्नि में न जलने का वरदान प्राप्त होने के बाद भी होलिका का दहन हो गया था। ऐसे में इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। इसके अनुसार, होलिका दहन 24 मार्च को किया जायेगा।
कई मान्यताओं के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को न तो होलिका की परिक्रमा करनी चाहिए और न ही होलिका दहन देखना चाहिए। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे मां और शिशु दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ नवजात शिशु को भी होलिका दहन देखना अशुभ माना गया है। ऐसा माना जाता है कि जिस जगह पर होलिका दहन होता है, वहां पर नकारात्मक शक्तियां व्याप्त हो जाती हैं। ऐसे में नवजात बच्चों को होलिका दहन वाली जगह से दूर रखना चाहिए।
सदियों से चली आ रही परम्परा के अनुसार, नव विवाहिता को अपनी सास के साथ होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि सास और बहू द्वारा होलिका दहन साथ में देखने से उनके रिश्तों में खटास आ सकती है। ऐसे में नव विवाहिता द्वारा अपनी पहली होली मायके में मनाने की प्रथा चली आ रही है।
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