टीम एबीएन, रांची। जेवियर समाज सेवा संस्थान (एक्सआईएसएस) रांची में आयोजित दो-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय डेटा एनालिटिक्स और प्रबंधन कांफ्रेंस का समापन शनिवार को हुआ। कांफ्रेंस के दूसरे दिन कार्यक्रम में डेटा एनालिटिक्स और प्रबंधन क्षेत्र से देश के विभिन्न सेक्टर से इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, शिक्षाविद, रिसर्चर, और छात्र शामिल हुए।
कांफ्रेंस के सह-अध्यक्ष सह फाइनेंशियल मैनेजमेंट के कार्यक्रम प्रमुख, डॉ भास्कर भोवानी ने सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरूआत प्रथम दिन के संक्षिप्त रिपोर्ट को निदेशक, डॉ जोसफ मारियानुस कुजूर एसजे, डीन एकेडमिक्स, डॉ अमर ई तिग्गा और मार्केटिंग मैनेजमेंट प्रोग्राम के प्रमुख, डॉ भबानी महापात्रा की उपस्थिति में प्रस्तुत किया।
दूसरे दिन के पहले सत्र में माइक्रोसॉफ्ट के प्रिंसिपल डेटा साइंस मैनेजर, शिवेश सिन्हा ने डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) पर अंतर्दृष्टि साझा की। उन्होंने स्टूडेंट्स को सांख्यिकी, व्यावसायिक नींव और परिणामों की व्याख्या करने जैसे कौशलों पर ध्यान देने के लिए सलाह दी, क्योंकि ये विभिन्न क्षेत्रों में विकास की नींव बनाते हैं।
टाटा स्टील लिमिटेड के मुख्य व्यवसाय परिवर्तन और डिजिटल समाधान अधिकारी, सरजीत झा ने अपने संबोधन में तेजी से तकनीकी परिवर्तन के वर्तमान युग में करियर के लिए मानसिक मॉडल पर दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने जिज्ञासा, डेटा का गठबंधन, क्यूरेटिंग (डेटा की सफाई और डुप्लिकेशन), क्रंचिंग डेटा और दृश्य विशेषता पर विस्तार से चर्चा किया।
कार्यक्रम में आगे पब्लिक डेटा एनालिटिक्स पर पेपर प्रस्तुति सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र के तकनीकी विशेषज्ञ यूनिसेफ के सामाजिक नीति विशेषज्ञ ओंकार नाथ त्रिपाठी रहे। सत्र की अध्यक्षता झारखंड सरकार के राज्य वित्त आयोग के सदस्य डॉ हरिश्वर दयाल ने किया। वहीं सत्र का संचालन एक्सआईएसएस से डॉ अमित गिरी ने किया। सत्र में विभिन्न प्रस्तुतिकचार्ओं ने कुल छह पेपर प्रस्तुत किए।
दो दिवसीय कांफ्रेंस में सर्वश्रेष्ठ पेपर प्रेजेंटेशन पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया, जहां विभिन्न ट्रैक के पेपर प्रस्तुतकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया।
पहला ट्रैक - मार्केटिंग और फाइनेंस एनालिटिक्स पर आधारित था - जिसमें सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार का प्रमाण-पत्र, डॉ अराना कौसर और डॉ पूजा को जेन जी के बीच वित्तीय साक्षरता पर भावनात्मक बुद्धिमत्ता के प्रभाव की खोज को मिला। मार्केटिंग में आनलाइन पेपर प्रस्तुति करने वाली सतद्रुति चक्रवर्ती और दीपा मित्रा को भारत में आनलाइन ट्रैवल एजेंसियों की प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता: पांच प्रमुख भारतीय आनलाइन ट्रैवल फर्मों पर एक केस अध्ययन को मिला।
दूसरा ट्रैक - एचआर और ओबी एनालिटिक्स - अशेष मिंज विजेता बने जिन्होंने कर्मचारी अनुभव में डेटा एनालिटिक्स की भूमिका पर पेपर प्रस्तुति किया।
तीसरा ट्रैक - आपरेशंस रिसर्च और आईटी एनालिटिक्स - आईटी एनालिटिक्स में मिलन साई, ऋषि द्विवेदी और भास्कर भवानी को आईओटी और एआई के माध्यम से अपशिष्ट प्रबंधन: स्मार्ट डस्टबिन सिस्टम पेपर के लिए दिया गया। वहीं ओआर के लिए सोमरूप नागा और पवन कुमार तिवारी को मशीन लर्निंग तकनीकों की मध्यस्थता में प्लाज्मा प्रौद्योगिकी और विद्युत क्षेत्र में जल अलवणीकरण और शुद्धिकरण पर पेपर प्रस्तुत करने के लिए दिया गया।
आखिरी ट्रैक - पब्लिक डेटा एनालिटिक्स - इसमें असमा आसिफ सैय्यद और सृजन घोष विजेता बने जिन्होंने बिहार में महिलाओं के बीच प्रजनन क्षमता, शिक्षा और धर्म के बीच त्रिपक्षीय संबंध शीर्षक पर पेपर प्रस्तुत किया था।
एक्सआईएसएस के सहायक निदेशक डॉ प्रदीप केरकेट्टा, एसजे, ने कांफ्रेंस के समापन के दौरान डेटा एनालिटिक्स के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद और बधाई दी। उन्होंने बताया की कैसे बेहतर और कुशल व्यवसाय के लिए डेटा एनालिटिक्स विषय आज के संदर्भ में महत्वपूर्ण और प्रासंगिक है।
साथ ही उन्होंने डेटा साइंस के महत्व, डेटा एनालिटिक्स को वैज्ञानिक कैसे देखते हैं और निकट भविष्य में बिजनेस का ट्रेंड और पैटर्न क्या होगा, इस पर भी प्रकाश डाला। कांफ्रेंस में धन्यवाद् ज्ञापन, डॉ पिनाकी घोष ने दिया। इस कार्यक्रम में उद्योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, पेपर प्रस्तुतकर्ताओं, एक्सआईएसएस के संकाय के साथ-साथ विपणन प्रबंधन और वित्तीय प्रबंधन कार्यक्रमों के छात्रों ने भाग लिया।
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