एबीएन सेंट्रल डेस्क। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ 16 फरवरी को होने वाले आगामी ग्रामीण भारत बंद के लिए निर्देश जारी किये हैं। भारत बंद सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक रखा जायेगा, जिसमें किसान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक देश भर की प्रमुख सड़कों पर व्यापक चक्का जाम में भाग लेंगे।
पंजाब में विरोध प्रदर्शन के दौरान राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों का एक बड़ा हिस्सा चार घंटे के लिए बंद रहेगा। शनिवार को लुधियाना में बुलायी गयी बैठक के दौरान बीकेयू लाखोवाल के महासचिव हरिंदर सिंह लाखोवाल ने ग्रामीण भारत बंद को लेकर रणनीति का खुलासा किया।
मुख्य रूप से पंजाब के किसानों ने, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के समकक्षों के साथ मिलकर, केंद्र सरकार के साथ एक अनिर्णायक बैठक के बाद 13 फरवरी को अपना चलो दिल्ली मार्च शुरू किया।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी के लिए कानून बनाने सहित उनकी मांगों को स्वीकार करने के लिए केंद्र पर दबाव डालने के लिए विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया।
वहीं किसानों का कहना है कि इस दौरान ग्रामीण इलाकों में परिवहन, कृषि गतिविधियां, मनरेगा के तहत काम, निजी दफ्तर, गांवों की दुकानें बंद रहेंगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को भी बंद रखा जायेगा।
हालांकि इस ग्रामीण भारत बंद से एंबुलेंस के संचालन, अखबार वितरण, शादी, मेडिकल दुकानें और परीक्षा देने जा रहे छात्र प्रभावित नहीं होंगे। उन्हें रोका नहीं जायेगा। एसकेएम राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसी) के सदस्य डॉ दर्शन पाल ने कहा कि उन्होंने आगे उल्लेख किया कि सब्जियों और अन्य फसलों का व्यापार और खरीद रोक दी जायेगी।
गांव की दुकानें, अनाज बाज़ार, सब्जी बाज़ार, सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालय, ग्रामीण औद्योगिक और सेवा क्षेत्र के प्रतिष्ठान, साथ ही निजी क्षेत्र के उद्यमों को बंद करने का आग्रह किया गया है। इसके अतिरिक्त, हड़ताल की अवधि के दौरान गांवों के पड़ोसी कस्बों में दुकानें और व्यवसाय बंद रहेंगे।
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