एबीएन सेंट्रल डेस्क। रिवॉल्यूशनरी गोअन्स पार्टी ने शनिवार को झारखंड सरकार के मूलनिवास से सबंधित प्रस्तावित विधेयक की तारीफ की है, जिसे इस हफ्ते विधानसभा में पेश किये जाने की तैयारी है। आरजीपी ने तटवर्ती राज्य के लिए भी इसी तरह के विधेयक की मांग की है। पूर्वी राज्य में 11 नवंबर को एक विधेयक पारित कराने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जायेगा, जिसमें मूल निवास का निर्धारण करने के लिए वर्ष 1932 को आधार वर्ष तय किया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के मुताबिक स्थानीय नागरिक के रूप में लोगों की स्थिति का निर्धारण उस साल की खतौनी (भू-रिकॉर्ड) के आधार पर किया जायेगा। आरजीपी नेता मनोज परब ने कहा, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता एवं राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बधाई। यह वाकई झारखंड के मूल निवासियों के लिए एक ऐतिहासक दिन है। हमने (आरजीपी पदाधिकारी) भी इस तरह का विधेयक गोवा के मूल निवासियों के लिए पेश किया, जिसे पर्सन ऑफ गोअन ओरिजिन (पोगो) विधेयक नाम दिया गया। आरजीपी ने मांग की कि ऐसे लोगों को, जो यहां जन्मे हैं या उनके परिवार के सदस्यों का जन्म यहां हुआ है, तो उन्हें गोवा मूल का व्यक्ति घोषित किया जाये। पोगो विधेयक को पिछले सत्र के दौरान गोवा विधानसभा में आरजीपी के विधायक वीरेश बोर्कर ने पेश किया था, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया था।
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