एबीएन सेंट्रल डेस्क, हैदराबाद/लोहरदगा। कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्ययन यात्रा के तहत सिलीगुड़ी, गंगटोक और हैदराबाद में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों में खनन क्षेत्र की सुरक्षा, संरक्षण, अवसंरचना विकास और आत्मनिर्भर भारत अभियान को लेकर व्यापक मंथन किया गया। समिति की अध्यक्षता सांसद अनुराग ठाकुर ने की।
बैठकों में कोयला मंत्रालय, खान मंत्रालय तथा विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), नॉर्थ ईस्टर्न कोल फील्ड्स, सेंट्रल कोल फील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), भारतीय खान ब्यूरो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको), मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल रहे।
सिलीगुड़ी में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन पर विशेष चर्चा हुई। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश को महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में रणनीतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। गंगटोक में समिति ने कोयला खदानों में संरक्षण, श्रमिक सुरक्षा और अवसंरचना विकास के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की।
इस दौरान लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने खदानों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खदानों में सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत किया जाए तथा आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित हो, ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
सुखदेव भगत ने कहा कि खनन क्षेत्र में सतत विकास के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। इसके लिए स्थायी संरक्षण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कोयला खदानों एवं आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के उन्नयन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बेहतर सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य सुविधाओं से उत्पादन क्षमता में तेजी आयेगी और स्थानीय विकास को भी बल मिलेगा।
वहीं हैदराबाद में आयोजित बैठक में कुकिंग कोल की कमी और इस्पात उत्पादन में स्थानीय कोयले के अधिक उपयोग पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग से इस्पात उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के कोयला और खनिज क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना तथा सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को और अधिक प्रभावी बनाना था।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse