टीम एबीएन, रांची। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा में आज मेसरा परिसर में मशीन लर्निंग का उपयोग करके ज्योस्पेशल डाटा एनालिटिक्स विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग (CSE) विभाग द्वारा ANRF-CRG के सहयोग से किया गया।
दो दिवसीय इस कार्यशाला में वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य भू-स्थानिक आँकड़ों के अध्ययन एवं विश्लेषण में आधुनिक संगणकीय तकनीकों के उपयोग को समझना और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विचार करना है।
प्रमुख विषयों में स्थान आधारित आँकड़ों की प्रसंस्करण संरचना, उपग्रह चित्रों का विश्लेषण, भौगोलिक प्रणालियों के लिए पूर्वानुमान मॉडल निर्माण तथा योजना एवं निगरानी कार्यों में विश्लेषण परिणामों का उपयोग शामिल हैं।
उद्घाटन सत्र में डॉ. सौम्य कांती घोष (प्रोफेसर, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग, आई. आई.टी खड़गपुर), प्रो. संदीप सिंह सोलंकी (प्रोफेसर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग एवं अधिष्ठाता – स्नातकोत्तर अध्ययन, बीआईटी मेसरा) तथा डॉ. अभिजीत मुस्तफी (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग, बीआईटी मेसरा) उपस्थित रहे।
इस दो दिवसीय कार्यशाला के कॉर्डिनेटर बीआईटी मेसरा के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. शशांक पुष्कर और डॉ. इंद्रजीत मुखर्जी रहे, जिन्होंने कार्यशाला के शैक्षणिक सत्रों और पूरे आयोजन का समन्वय किया।
पहले दिन का समापन भू-स्थानिक AI से संबंधित संगणकीय ढाँचे तथा कार्यप्रणाली की आधारभूत अवधारणाओं पर केंद्रित तकनीकी विचार-विमर्श की श्रृंखला के साथ हुआ।
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