टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट व विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है। इस वर्ष विजया एकादशी व्रत 13 फरवरी दिन शुक्रवार को मनाया जायेगा। यह एकादशी विशेष रूप से विजय, सफलता और धर्म की स्थापना का प्रतीक मानी जाती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से साधक को जीवन के प्रत्येक संघर्ष में सफलता प्राप्त होती है तथा शत्रुओं पर विजय मिलती है। इसी कारण इसे विजया अर्थात विजय दिलाने वाली एकादशी कहा गया है। पौराणिक कथाओं केअनुसार, भगवान श्रीराम ने लंका विजय से पूर्व विजया एकादशी का व्रत किया था। कहा जाता है कि इस व्रत के पुण्य प्रभाव से ही उन्हें रावण पर विजय प्राप्त हुई।
इसी प्रकार महाभारत काल में पांडवों ने भी कठिन परिस्थितियों से निकलने के लिए इस एकादशी का व्रत किया था। तभी से यह मान्यता प्रचलित है कि जो भी श्रद्धापूर्वक इस व्रत को करता है, उसे अवश्य सफलता प्राप्त होती है। विजया एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत, पूजा और कथा श्रवण करने से सभी पापों का नाश होता है तथा व्यक्ति को यश, कीर्ति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
विशेष रूप से यह व्रत उन लोगों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है, जो किसी कार्य में बार-बार विफल हो रहे हों या जीवन में बाधाओं से जूझ रहे हों।इस दिन प्रात:काल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। घर अथवा मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीप, धूप, पुष्प, तुलसी दल और फल अर्पित कर पूजा की जाती है। एकादशी व्रत में अन्न त्याग कर फलाहार या निर्जला व्रत रखने की परंपरा है।
रात्रि में विष्णु सहस्रनाम या एकादशी कथा का पाठ करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। विजया एकादशी न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि आध्यात्मिक और नैतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। यह व्रत मनुष्य को धैर्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच प्रदान करता है।
कहा जाता है कि इस दिन सच्चे मन से किया गया संकल्प अवश्य पूर्ण होता है।अत: विजया एकादशी का व्रत श्रद्धा, विश्वास और नियमपूर्वक करने से जीवन में विजय, शांति और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse