पांच, छह और सात जनवरी को भाजपा का धरना

 

झारखंड के अलग-अलग नगर निकायों में 5, 6 और 7 जनवरी को धरना देगी भाजपा: बाबूलाल मरांडी 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री एवं सांसद डॉ प्रदीप वर्मा, महामंत्री मनोज कुमार सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, विधायक राज सिन्हा, पूर्व विधायक अनंत कुमार ओझा, वरिष्ठ नेता शैलेन्द्र सिंह, अभय सिंह उपस्थित रहे। 

हेमंत सरकार की मंशा निकाय चुनाव कराने की नहीं 

बैठक में राज्य ने लंबित नगर निकाय चुनाव के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार की मंशा निकाय चुनाव कराने की नहीं है। इसलिए लगातार बहानेबाजी कर के चुनाव को टालने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव नहीं होने से जनता की बुनियादी, रोजमररा की जिंदगी से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। 

चुने गए जन प्रतिनिधि नहीं होने से निकायों में आॅफिसर शाही हावी है। मरांडी ने राज्य के 49 नगर निकायों जिसमें 22 नगर पंचायत, 18 नगर परिषद और 9 नगर निगम शामिल हैं में शीघ्र चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव दलीय आधार पर और ईवीएम से कराया जाना चाहिए। 

दलीय आधार पर चुनाव होने से नित्य सामाजिक राजनीतिक कार्यों में जुड़े राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ताओं को चुनाव का अवसर मिलता है जिनके पास समाज जीवन की समस्याओं और उनके समाधान के प्रयासों का प्रत्यक्ष अनुभव होता है जिसका लाभ एक जन प्रतिनिधि बनने पर जनता को मिलता है। 

मरांडी ने कहा कि आज का भारत डिजिटल भारत है जिसमें करोड़ों मतदाता ईवीएम के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक चुनते हैं। ऐसे में निकाय चुनाव भी ईवीएम से ही कराया जाना चाहिए। मरांडी ने कहा कि इन सभी मांगों को लेकर आगामी नए कैलेंडर वर्ष में 5, 6 और 7 जनवरी को भाजपा कार्यकर्ता सभी नगर निकाय क्षेत्रों में धरना प्रदर्शन करेंगे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपेंगे। 

आज राम के नाम से कांग्रेस को पीड़ा हो रही 

भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पार्टी द्वारा जी राम जी योजना का विरोध किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण और तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने 60 साल के कार्यकाल में हजारों योजनाओं के नाम बदले, एक परिवार के नाम को महिमा मंडित किया, लेकिन आज राम के नाम से उनको पीड़ा हो रही है। 

साहू ने कहा कि जवाहर रोजगार योजना का नाम यही कांग्रेस ने बदला था। कांग्रेस बताये उन्होंने जवाहर लाल नेहरू को नीचा दिखाने के लिए नाम बदला था क्या। उन्होंने कहा कि राम तो महात्मा गांधी जी के आदर्श थे। फिर राम नाम से कांग्रेस क्यों चिढ़ रही। साफ झलक रहा कि कांग्रेस वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति में डूब चुकी है। 

साहू ने कहा कि जी राम जी योजना विकसित भारत के संकल्प में ग्रामीण क्षेत्रों की मजबूती के लिए है। इसमें गांव के लोग बैठकर गांव में ही अपने गांव को विकसित, सुंदर आत्मनिर्भर बनाने के दिशा में काम करेंगे योजनाओं को निर्धारित करेंगे।

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